मकर संक्रांति के एक दिन पूर्व नगर के प्रमुख बाजार कड़ाके की ठंड में भी गुलजार रहे। सड़क की पटरियों पर गुड़/चीनी से बनी खाद्य सामग्रीे खरीदने के लिए ग्राहकाें की भीड़ देर शाम तक डटी रही।
दूकान पर बिकने को सजे ढूंढा, गजक, लाई- चिउड़ा और गजक सहित तरह-तरह के पट्टी की जमकर बिक्री हुई, जिससे दूकानदार गदगद दिखे।
नगर के प्रमुख बाजाराें में गुड़/चीनी से बनी खाद्य सामग्री सहित लाई, लावा, चिउड़ा, गट्टा, गजक आदि की खरीदारी करने में लोग मशगूल हो गए हैं।
शादीशुदा बेटियाें को शगुन के तौर पर खिचड़ी भेजने के लिए लोगों ने अपने-अपने पसंद की खाद्य सामग्री खरीदी। पिछले वर्ष की अपेक्षा गुड़/चीनी से बने खाद्य पदार्थों के दाम में 15 से 20 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है, बावजूद इसके महंगाई का कोई खास असर बाजार में दिखाई नहीं दे रहा है।
नगर के गुड़हट्टी बाजार सहित रामबाग, इमामबाड़ा, र्साइं मंदिर रोड, मुकेरी बाजार, संगमोहाल, रमईपट्टी, महुवरिया, त्रिमोहानी, घंटाघर, संकटमोचन मार्ग सहित कई अन्य बाजारों में दोपहर बाद से देर शाम तक रौनक बरकरार रही।
बाजार में तिल पट्टी 140-150 रुपये किलो, ढूंढा 60-90, गुड़/चीनी से बनी बादाम पट्टी 90-130, लाई-35-45, चूड़ा 30-40, गजक 140-160, रामदाना 120-140, गट्टा 80-90, गुड़ का सेव 80-90 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बेचे गए। देशी गुड़ ग्राहकों के बीच पहली पसंद बनी रही, जो सोमवार को 70 से 90 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बेची गई।