लालगंज। थाना क्षेत्र के पतुलखी गांव के सामने निर्माणाधीन फोरलेन फ्लाईओवर में लापरवाही के कारण सीमेंटेड शटरिंग के गिरने से चपेट में आकर 13 वर्षीय बालिका गंभीर रूप से घायल हो गई। उसे उपचार के लिए ग्रामीण आनन-फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बालिका की मौत से आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क पर जाम लगा दिया। पुलिस के कार्रवाई के आश्वासन पर एक घंटे बाद जाम समाप्त हुआ।
थाना क्षेत्र के पतुलखी गांव में कोल बस्ती के पास फोरलेन बाईपास मार्ग पर निर्माणाधीन फ्लाईओवर का सीमेंटेड शटरिंग अचानक नीचे गिर गया। उस समय 13 वर्षीय कुमारी पारो पुत्री महेश कोल पास के हैंडपंप से पानी लेने जा रही थी। जैसे ही वह फ्लाईओवर के नीचे पहुंची थी उसी समय शटरिंग उसके ऊपर गिर गया। जिसकी चपेट में आकर पारो उसके नीचे दबकर गंभीर रूप से घायल हो गई। आस पास के लोगों की नजर पड़ी तो लोगों ने कार्य कर रहे जेसीबी की मदद से सीमेंटेड शटरिंग को हटवाया। आनन-फानन में परिजन छात्रा को लेकर अस्पताल पहुंचे। जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया।
आक्रोशित बस्ती के लोगों ने नेशनल हाइवे रीवां-रोड पर शव को रख कर जाम लगा दिया। जाम की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। ग्रामीणों को समझाकर जाम समाप्त कराया। छात्रा के शव को पुलिस ने पीएम के लिए भेज दिया। थानाध्यक्ष सुभाष राय ने बताया की निर्माण कंपनी में कार्यरत कर्मचारियों द्वारा पतुलखी गांव में बाइपास सड़क के पास बन रहे फ्लाईओवर में लापरवाही के कारण निर्माणाधीन फ्लाईओवर का हिस्सा गिरने से छात्रा की मौत हुई है। इस घटना में डीबीएल कंपनी में कार्यरत लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
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परिवार में मातम, गम में डूबे परिवार के लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
लालगंज। क्षेत्र के पतुलकी गांव निवासिनी कक्षा पांच की छात्रा की मौत से मजदूर पिता को झकझोर दिया है। बालिका के परिवार के लोगों में कोहराम मचा ही है, गांव में भी गम का माहौल है। नौ बच्चों के पिता मजदूरी करके बच्चों का पालन-पोषण कर रहे थे। ऐसे में संस्कारित पुत्री के मौत से परिवार में कोहराम मच गया गया।
मजदूर पिता महेश अपने बेटियों को पुत्रों की तरह पालन पोषण करने में कोई कोर कसर नहीं रखा था। प्राथमिक विद्यालय की कक्षा पांच में पढ़ने वाली छात्राएं भी उसकी मौत को लेकर के अपने आंसू नहीं रोक पा रही हैं। परिवार में उसके बड़े भाई वीरेंद्र का विवाह हो चुका है।अन्य भाई-बहन नरेंद्र 24, सुरेंद्र 18 वर्ष, रूपन 15 वर्ष, काजल 13 वर्ष, मनीषा 11 वर्ष, रति सात वर्ष और सबसे छोटा भाई शिव चार वर्ष का है। इतने बड़े परिवार का पालन-पोषण करना एक मजदूर के लिए किसी चुनौती से कम नहीं था। बावजूद उसके माता-पिता समान रूप से बेटे और बेटियों का पालन-पोषण शिक्षा-दीक्षा और उनके पालन-पोषण में जुटे थे। बेटी की मौत के बाद परिवार के प्रत्येक सदस्यों का रो-रो कर बुरा हाल है।