अष्टभुजा अतिथि गृह के सभागार में राज्य पिछड़ा आयोग के सदस्य श्यामलाल पाल की अध्यक्षता में गुरुवार को बैठक हुई। इसमें अन्य पिछड़े वर्गों के लिए सामाजिक सुरक्षा हेतु चलाई जा रही योजनाओं की समीक्षा की गई। सचिव ने कहा कि प्रदेश सरकार की योजनाओं का लाभ जनता और पिछड़े वर्ग के लाभार्थियों तक सीधे पहुुंचाएं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पिछडे़ वर्ग के पात्र व्यक्तियों को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि सामाजिक व्यक्ति होने के नाते हमारा दायित्व बनता है कि पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए संचालित योजनाओं को लोगों तक पहुचाएं। साथ ही ध्यान रखें कि योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों को ही मिले। उन्होंने कहा कि कई जिलों से शिकायतें आती हैं कि कार्य ठीक से नहीं हो रहा है परंतु सबसे अच्छी बात है कि मिर्जापुर से कोई भी शिकायत नहीं आई है।
उन्होंने निर्देश दिया कि सरकार की पिछड़े लोगों के लिए संचालित योजनाओं का लाभ केवल शहरों में ही नहीं बल्कि ग्रामीण अंचलों में रहने वाले पिछड़ों के पात्र लोगों को मिल सके। उन्होंने विभागों में कार्यरत अधिकारियों/कर्मचारियों में कितने पिछड़ी जाति के लोगों की भागीदारी है, इसकी जानकारी लोगों को दें।
बैठक के दौरान पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला प्रोबेशन विभाग, उप निदेशक कृषि, भूमि संरक्षण विभाग, जिला पूर्ति कार्यालय, चिकित्सा, होम्योपैथिक विभाग, जिला पंचायत, राजकीय पालिटेक्निक, युवा कल्याण विभाग, परियोजना विभाग, समाज कल्याण, कृषि विभाग, पंचायती राज विभाग, परिवहन विभाग और मंडी समिति की विभागवार, बिंदुवार गहन समीक्षा किया। जिलाधिकारी द्वारा नामित समाज कल्याण अधिकारी महेंद्र यादव ने बैठक का संचालन किया।