- खान पान के दाम पर भी सिलिंडर की किल्लत का असर दिखने लगा
संवाद न्यूज एजेंसी
मिर्जापुर। गैस सिलिंडर की किल्लत का असर चैत्र नवरात्र मेले पर भी देखने को मिल रहा है। जहां एक ओर भंडारे के लिए सिलिंडर नहीं मिल रहा। वहीं दूर-दूर से आने वाले श्रद्धालुओं को कढ़ाई चढ़ाने से लेकर खान पान की सामग्री बनाने के लिए लकड़ी का सहारा लेना पड़ रहा है। इतना ही नहीं मुश्किल से मिल रहे सिलिंडर का असर खान पान पर महंगाई के तौर पर दिख रहा है।
सिलिंडर की समस्या किसी से छिपी नहीं है। विंध्याचल में चल रहे नौ दिवसीय नवरात्र मेला में भी श्रद्धा पर संकट देखने को मिल रहा है। लोग श्रद्धालुओं की सेवा और पुण्य कमाने के लिए बड़े बड़े भंडारे चलाते हैं। इस बार भंडारों के संचालन में कमी आई है। इस बार लोगों को भंडारे के लिए सिलिंडर नहीं मिल पा रहा है। वहीं ज्यादातर कारीगर लकड़ी पर भोजन बनाने से मना कर दे रहे हैं। ऐसे में लोग पैसे दान कर दे रहे हैं। इसी प्रकार एक श्रद्धालु ने नौ दिन भंडारा चलाने का प्रयास किया पर सिलिंडर न मिलने पर वह पांच लाख रुपये ऑनलाइन दान कर दिया। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र सहित कई प्रदेशों से आने वाले श्रद्धालु विंध्य क्षेत्र में कढ़ाई चढ़ाकर पुड़ी हलवा बनाते हैं और मां को चढ़ाते हैं। पिछले कुछ वर्षों से श्रद्धालुओं को लेकर आने वाले वाहन में सिलिंडर ले आया करते थे या आसानी से विंध्य क्षेत्र में सिलिंडर उपलब्ध हो जाता था। पर इस बार की किल्लत ने विंध्य क्षेत्र में चूल्हों की संख्या बढ़ा दी। 10 में से नौ व्यक्ति लकड़ी, चूल्हे पर खाना बनाते नजर आए। कानपुर से आए श्रद्धालुओं को लेकर बस ड्राइवर भोनू ने बताया कि गैस नहीं मिल रहा है। जिसकी वजह से चूल्हे पर खाना बना रहे हैं। वहीं रायबरेली से आई श्रद्धालु आरती देवी ने बताया कि गैस नहीं मिल रही है तो मां के लिए रोटी चूल्हे पर बना रहे हैं। वहीं उन्नाव से आए श्रद्धालु विनोद उनकी पत्नी बबली के साथ कुल 10 लोग परिवार के ही थे। परिवार के सभी लोगों के लिए लकड़ी पर भोजन बनाया जा रहा है। गैस की कमी की वजह से श्रद्धालुओं के लिए पूजा पाठ के लिए रोट व भोजन के लिए परेशानी हाे रही है।
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सिलिंडर की कालाबाजारी करने वाले भी सक्रिय
कालाबाजारी जमकर हो रही है। विंध्य क्षेत्र में कई एजेंसियों के गैस सिलिंडर के कनेक्शन हैं। होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों की बड़ी संख्या है। प्रतिदिन लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की वजह से ईंधन की खपत भी बहुत है। पर उसके सापेक्ष आवक कम है। ऐसे में यहां गैस सिलिंडर की किल्लत झेलनी पड़ रही है। ज्यादा मांग होने की वजह से कालाबाजारी करने वाले भी सक्रिय हैं।
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विंध्याचल में सिलिंडर की कोई समस्या नहीं है। पर्याप्त मात्रा में सिलिंडर है। जिन्हें भी भंडारा करना है उन्हें श्रीविंध्य पंडा समाज के अध्यक्ष के माध्यम से सिलिंडर उपलब्ध कराया जा रहा है। संजय प्रसाद, जिला पूर्ति अधिकारी
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गैस सिलिंडर मिलने में समस्या आ रही है। भंडारे के लिए मुश्किल से सिलिंडर मिल पा रहा है। बहुत कहने पर विभाग ने तीन सिलिंडर दिया वह पर्याप्त नहीं पड़ रहा है। इस बार भंडारों की संख्या आधी हो गई है। - पंकज द्विवेदी, अध्यक्ष श्री विंध्य पंडा समाज
कानपुर से आए बस ड्राइवर भोनू चूल्हे पर रोटी पकाते हुए फोटो, स्रोत संवाद