गलियों, सड़कों और घर के बाहर खुले में कूड़ा फेंकने वालों की खैर नहीं। अब नगर पालिका परिषद उसने पांच हजार से पचास हजार रूपये तक का जुर्माना वसूल करेगा। जुर्माना अदा न करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्यवाई की जाएगी। प्रदेस सरकार के नगर विकास विभाग ने नगर पालिका से इस पर सख्ती अमल करे को कहा है।
लोग रात के अंधेरे चोरी-छिपे सड़क एवं दूसरे के मकान के सामने भवन का मलबा फेंककर चले जाते हैं। पर अब उन पर नजर रखी जाएगी। ऐसा करने वालों से नगर पालिका पचास हजार रुपये का अर्थ दंड वसूल करेगी।
पालिकाध्यक्ष हसीना बेगम एवं अधिशासी अधिकारी सीपी सिंह ने बताया कि म्यूनिसिपल सालिड वेस्ट रूल्स एवं एनजीटी एक्ट कानून के अनुसार नगरीय इलाके के किसी भी स्थान पर कूड़ा जलाने तथा भवन सामग्री के अवशेष को सड़क के किनारे रखने कूड़ा फेंकने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। सूबे के नगर विकास विभाग की ओर से इसका शासनादेश भी जारी हो गया है। विभाग ने इस मामले में सख्ती बरतने को कहा है।
उन्होंेने बताया कि हाईकोर्ट एवं राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण नई पारित आदेश को अब सख्ती से अमल में लाया जाएगा। सरकार इस मामले में बेहद संजिदा है। ऐसे में लोगों को चेतावनी दी जाती है कि वे कूड़ा निर्धारित स्थान पर ही फेंके।
उन्होंने बताया कि इधर-उधर कूड़ा फेंकने वालों पर निगरानी की योजन बनाई गई है। पालिका कर्मचारी प्रतिदिन नगर में भ्रमण कर गंदगी फैलाने वालों की सूची तैयार करेंगे। उनकी रिपोर्ट पर दोषी व्यक्ति से जुर्माना वसूल करने की कार्यवाही की जाएगी। जुर्माना न देने पर उनके खिलाफ अधिनियम के तहत कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई होगी। इस मामले में किसी तरह की ढील नहीं दी जाएगी।