मिर्जापुर। जिम में महिलाओं से दोस्ती कर अश्लील वीडियो बनाकर वसूली करने और धर्मांतरण कराने के मामले में छह हजार पन्ने की चार्जशीट (आरोप पत्र) न्यायालय में प्रस्तुत करने के बाद पुलिस ने आरोपियों का गैंग पंजीकृत कर लिया है। अब इनके खिलाफ गैंगस्टर की भी कार्रवाई की जाएगी।
देहात कोतवाली में 19 जनवरी को दो युवतियों ने जिम में धर्मांतरण कराने की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप है कि केजीएन (ख्वाजा गरीब नवाज) की तीन शाखा, बी फिट और आयरन फायर जिम में आने वाली लड़कियों से दोस्ती कर जिम संचालक व ट्रेनर उनका अश्लील वीडियो बनाकर पैसा वसूलते थे। शारीरिक शोषण करते थे। बुरका पहनाकर, मजार पर ले जाकर कलमा पढ़ाकर धर्मांतरण करने का दबाव बनाते थे। मामले में पुलिस ने पहले आठ लोगाें पर प्राथमिकी दर्ज की। मामले में पहले चार आरोपियों मोहम्मद शेख अली आलम, फैजल खान, जहीर व सादाब को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद आयरन फायर जिम के संचालक जीआरपी सिपाही इरशाद और उसके साथी फरीद अहमद को गिरफ्तार किया गया। मुख्य आरोपी इमरान खान को लुक आउट नोटिस जारी होने के बाद दिल्ली एयरपोर्ट से पकड़ा गया। जांच में लड़कियों को धर्मांतरण के लिए दबाव बनाने वाले मौलवी खलीलुर्रहमान के गिरफ्तार किया गया। फिर अशफाक उर्फ लकी अली और उसके मौसेरे भाई साहिल को गिरफ्तार किया गया। सभी का मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट और जनपद न्यायाधीश के यहां से जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त हो चुका है। पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई के लिए गैंग को पंजीकृत किया है।
आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित कर दिया गया है। इसमें धर्मांतरण कराने वाले इन आरोपियों का गैंग पंजीकरण किया गया है। गैंग के रुप में पंंजीकरण के बाद अब इनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई होगी। - अपर्णा रजत कौशिक, पुलिस अधीक्षक