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तटवर्ती गांवों के पास पहुंचीं गंगा

Fri, 12 Aug 2016 12:28 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, मिर्जापुर
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गंगा का पानी बढ़ने से डूबीं नगर के पक्काघाट की सीढ़ियां।
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 गंगा का जलस्तर गुरुवार को भी उफान पर रहने से गांवों के समीप पानी पहुंच गया है। गंगा में बढ़ाव से जिले के तटवर्तीय इलाके में बसे गांवाें के लोग बाढ़ के भय से नए ठौर-ठिकाने की तलाश में जुट गए हैं। गुरुवार की सुबह के आठ बजे गंगा का जलस्तर 75.230 मीटर रिकार्ड किया गया, जबकि खतरे का निशान 77.724 मीटर है। पिछले 24 घंटे में गंगा के जलस्तर में 98 सेंटीमीटर की बढ़ोत्तरी हुई है।
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गंगा का बढ़ता जलस्तर देख जिले के तटवर्तीय क्षेत्र में बसे गांवों के ग्रामीणों व किसानों की परेशानियां बढ़ गई हैं। गुरुवार को गंगा खतरे के निशान से महज 2.494 मीटर नीचे बह रही थीं। मध्य प्रदेश की कई नदियाें सहित उत्तरांचल की पहाड़ियों से गंगा में पानी आने से गंगा उफान पर हैं, जिससे बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। जलस्तर बढ़ने से गंगा घाटों की सीढ़ियां व प्राचीन मंदिर गंगा में समाहित होने लगी हैं।

चेतगंज संवाददाता के अनुसार क्षेत्र के हरसिंगपुर, मल्लेपुर, तिलठी, धौरहरा, मझलीपट्टी, सेमरा, मुजेहरा, कुलहूआं, गड़गेड़ी, कमासिन, बल्लीपरवा, अनुरूद्धपुर पूरब पट्टी व पश्चिम पट्टी, धौरहरा, चील्ह, मलाधरपुर सहित कई अन्य गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। बाढ़ पर निगाह रखने के लिए तिलठी व पुरजागीर में बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं। सीखड़ः ब्लॉक के तटवर्तीय इलाके के गांवाें में बसे किसानाें को बाढ़ की चिंता सताने लगी है। चुरामनपुर, आराजीलाइन  सुल्तानपुर, बसारतपुर, मेड़ियां, मूंदीपुर, मढ़ियां, भुआलपुर, पसियाही, पिपराहीं, कठेरवां, सीखड़, रामगढ़, प्रेमापुर, धन्नूपुर आदि गांवों के समीप पानी पहुंच गया है।
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 चुनारघाट-वाराणसी मार्ग स्थित मेड़िया के समीप पक्कापुल का निर्माण कराया जा रहा था और आवागमन के लिए बगल से रास्ता बनाया गया था, जहां गंगा पानी पहुंच जाने से आवागमन बाधित हो गया है। पड़रीः बहरहमापुर, धौरहरा, भौरहीं, सरैंया, बेलवन, कनौरा, जौसरा, कठिनई, नेवढ़ियाघाट, बेदौली, सिंधोरा, चंडिका, नान्हूपुर, धर्मदेवा, पकरी के पुरा, छीतमपट्टी, चौहानपट्टी, माधोपुर के ग्रामीणों को बाढ़ की चिंता सताने लगी है। गंगा से संबद्ध गुरखुली नदी, बेलवन नदी, खजुरी नदी भी उफान पर हैं, जिससे पानी किनारे बसे गांवों के करीब पहुंचने लगा है।
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