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Mirzapur News: गड़ई नदी का टूटा तटबंध, 30 से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में, 82 घर पानी से घिरे

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जल शक्ति मंत्री के ओड़ी गांव में गलियों में बाढ़ के पानी के बीच से गुजरते ग्रामीण।-संवाद।
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मिर्जापुर। भारी बरसात के बीच मंगलवार को अहरौरा जलाशय से पानी छोड़े जाने के बाद गड़ई नदी का तटबंध टूटने से बुधवार को फिर से फसलें जलमग्न हो गईं। 30 से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। 82 से अधिक घर चारों तरफ से बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। संपर्क मार्गों पर पानी बहने से एक-दूसरे गांवों का संपर्क टूट गया है।
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गोगहरा भागलपुर बियार बस्ती के पास तटबंध टूटने बस्ती में लगभग 65 घर, पांडेयचक में 17 घर पानी से घिर गये। ओड़ी गांव में अनुसूचित बस्ती एवं बियार बस्ती में बाढ़ का पानी प्रवेश करने से लोगों को दूसरे के घरों में शरण लेनी पड़ रही है। ओड़ी में सद्दीक, त्रिभुवन, पार्वती, तारा, प्रमोद सहित कई लोगों के घर पानी से घिर गए। बिक्सी ओइनवा संपर्क मार्ग पर पानी आने से आवागमन बंद हो गया है। गोविंदपुर एवं करजी गांव के पास तटबंध टूटने से सिवान में धान की फसल पानी में डूब गई है। जमालपुर रामपुर संपर्क मार्ग पर हसौली गांव के पास सड़क कटने से आवागमन ठप हो गया है। हसौली गांव के पूर्वी सिवान में बाढ़ का पानी भर गया है। फसल डूबने से किसान परेशान दिखे। गड़ई नदी में दूसरी बार आए उफान से लोढ़वा, गोगहरा, करजी, ओड़ी, चौबेपुर, चरगोड़ा, केशवपुर, गौरी, गुलौरी, मनई, जगदीशपुर,भड़ेवल, भभौरा, देवरिला, डोहरी आदि गांवों में बची खुची फसल पानी में डूबने से नष्ट होने का खतरा बढ़ गया।




स्थिति सामान्य होने पर अहरौरा और जरगो जलाशय के सभी गेट हुए बंद
अहरौरा। पिछले दिनों क्षेत्र में हुए भीषण बारिश से मंगलवार को परिस्थितियों को देखते हुए छह गेट खोलकर रुक-रुक कर लगभग तीन हजार क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया। तथा जरगो जलाशय के चार गेट खोलकर एक हजार सात सौ क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया था। बुधवार को दोपहर बाद बांध के सभी गेट बंद कर दिए गए।
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बुधवार की दोपहर तक कमोबेश कुछ ऐसी स्थिति बनी रही। अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड चुनार हरिशंकर सिंह मय दलबल के साथ अहरौरा बांध सहित जरगो जलाशय की स्थिति का जायजा लेते रहे। हालात सामान्य होने पर आला अफसरों के निर्देश पर दोपहर दो बजकर 25 मिनट पर अहरौरा और जरगो जलाशय का गेट बंद कर दिया गया। अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड चुनार हरिशंकर सिंह ने बताया कि क्षेत्र में भीषण बारिश के चलते बांध की सुरक्षा को देखते हुए रुक-रुक कर 2850 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया है।
मुआवजे की मांग, किसान नेताओं ने बीडीओ को सौंपा पत्रक
जमालपुर। क्षेत्र में आए बाढ़ समस्या सहित आठ सूत्री मांगों को लेकर भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने प्रदेश महासचिव प्रहलाद सिंह के नेतृत्व में बुधवार को खंड विकास अधिकारी रक्षिता सिंह को पत्रक सौंपा। इसमें किसानों के बर्बाद हुए फसलों का निरीक्षण कराकर प्रति एकड़ पच्चीस हजार रुपये मुआवजा दिए जाने की मांग की। बाढ़ प्रभावित गांवों में संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए दवाओं के छिड़काव की मांग की। इस दौरान प्रधान संघ अध्यक्ष राणा प्रताप सिंह, सिद्धनाथ सिंह, अनिल सिंह, कंचन सिंह फौजी, वीरेंद्र सिंह, धर्मेंद्र सिंह आदि रहे।
दउरी में बहते हुए मिली नवजात
जमालपुर। बाढ़ के पानी में मंगलवार को करजी एवं हसौली गांव के बार्डर पर बांस की दौरी में बहकर आ रही एक नवजात को देखकर ग्रामीण सन्न रह गए। ग्रामीणों ने नवजात को किसी तरह सुरक्षित बाहर निकाला। बच्ची को ओड़ी गांव निवासिनी नीलम भारती अपने पास रखकर पालन पोषण करने की बात कहीं। हालांकि उक्त दंपति को दो पुत्री एवं एक पुत्र है। ग्रामीणों ने दंपति के इस फैसले की सराहना करते दिखे।


गड़ई नदी का टूटा तटबंध, जलशक्ति मंत्री के न्याय पंचायत में पानी का सैलाब
शेरवां। गड़ई नदी का मंगलवार को कई स्थानों पर तटबंध टूटने से जलशक्ति मंत्री के क्षेत्र में पानी का सैलाब उमड़ पड़ा। सोमवार और मंगलवार को भारी बारिश के चलते पानी का दबाव बढ़ गया। अहरौरा बांध से पानी छोड़ने पर गड़ई नदी में एक बार फिर से उफान पर आ गया। दोबारा बाढ़ आने से किसानों की उम्मीदों पर पानी फिर गया है। गड़ई नदी का तटबंध टूटने से सूबे के जल शक्ति मंत्री के पैतृक गांव ओडी के गोविंदपुर, भागलपुर गांव में दो जगह, करजी में दो जगह पर, गोगहरा में दो स्थानों पर तटबंध टूटने से नदी का पानी सिवान में भर गया। घसरौडी गांव के पास नदी ओवरफ्लो करने से धान की फसल दोबारा जलमग्न हो गयी है। बता दें कि बीते 22 अगस्त को गड़ई नदी में आई बाढ़ से लोगों को राहत नहीं मिल पाई थी। एक बार फिर से बाढ़ के पानी ने अपने चपेट ले लिया है। क्षेत्र में बाढ़ आने से लोगों के सामने अन्न का संकट गहराने का खतरा मंडराता नजर आ रहा है। गड़ई नदी के निचले इलाके के गांवों में पानी निकासी की व्यवस्था नहीं होने से एक बार पुनः बाढ़ से किसानों की कमर टूट गई है। अहरौरा बांध के अवर अभियंता ओपी राव ने बताया कि छह गेट से पानी डिस्चार्ज किया जा रहा था। ताकि जलाशय कि बांध पर अतिरिक्त पानी का बोझ न बनें।


बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों ने चुनार विधायक को सुनाई व्यथा
जमालपुर। बाढ़ प्रभावित भड़ेवल के ग्रामीणों ने बुधवार को चुनार भाजपा विधायक अनुराग सिंह से मुलाकात कर अपनी व्यथा सुनाई। चुनार विधायक ने बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों की व्यथा तथा दुबारा क्षेत्र में आए प्राकृतिक आपदा पर दु:ख व्यक्त किया। चुनार विधायक ने कहा आपदा में सरकार पीड़ितों के साथ है। किसी के साथ भी अन्याय नहीं होेने दिया जाएगा। पानी कम होने पर प्रभावित लोगों का सत्यापन कराकर उचित सहायता प्रदान कराई जाएगी।
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