मड़िहान थाना क्षेत्र के देवरी कला गांव में शनिवार देर रात हुआ था हादसा
संवाद न्यूज एजेंसी
भावां। मड़िहान के देवरी कला गांव स्थित शनिवार देर रात नौ बजे धर्म कांटा के सामने बाइक सवार तीन श्रमिकों की ट्रक की चपेट में आने से मौत के बाद बस्ती में मातम पसरा हुआ है। बस्ती के कई घरों में रविवार को चूल्हा नहीं जला।
मड़िहान के रामपुर 33 गांव के दलित बस्ती के तीन मजदूर रोज की भांति शनिवार सुबह आठ बजे के करीब घर से टिफिन लेते हुए बाइक से मड़िहान के ददरी में निर्माणाधीन अदाणी मेगा पावर प्लांट (मिर्जापुर थर्मल ऐनर्जी यूपी प्राइवेट लिमिटेड) कंपनी में काम करने गए थे। विजय कुमार 40, राजेश 41 और वीरेंद्र कुमार 36 बचपन के दोस्त थे। प्लांट से वापस आते समय जैसे ही देवरी कला गांव के पास धर्म कांटा के सामने उनकी बाइक पहुंची सोनभद्र से आ रही कोयला लदी तेज रफ्तार ट्रक ने रौंदते हुए 50 मीटर तक घसीट दिया। इसमें तीनों मित्रों की मौत हो गई। सूचना के बाद मौके पर पहुंची मड़िहान पुलिस ने तीनों के शवों का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जैसे ही परिजनों को सड़क दुर्घटना की जानकारी सभी का रो- रोकर हाल बेहाल हो गया। मृतक विजय दो भाइयों में छोटा था। पुत्र की मौत के बाद मां राजवंती देवी के साथ पत्नी कुलदीप कौर का रो रोकर हाल बेहाल है। तीनों बच्चे विवेक, वीर, राजवीर, श्रेया गौतम के लालन पालन की जिम्मेवारी पत्नी कुलदीप कौर पर आ गई है। राजेश दो भाइयों में बड़ा था। दुर्घटना में मौत की खबर लगते ही मां तारा देवी और पत्नी राजकुमारी देवी रोते बार-बार बदहवास हो जा रही थी। तीन बच्चों में निशा सिंह भारती, आदर्श, मनीषा सिंह भारती के पालन पोषण की जिम्मेवारी मृतक की पत्नी के ऊपर आ गई है। मृतक वीरेंद्र दो भाइयों में बड़ा था। मां फुलराजी देवी के साथ पत्नी सुनीता घर के चिराग बुझने पर बिलखती रहीं। पति की मौत के बाद दो बच्चों अर्चना, अनुराग की जिम्मेदारी कंधों पर आ गई।
दुर्घटना का केंद्र बना धर्म कांटा
मड़िहान के मिर्जापुर-सोनभद्र मार्ग किनारे देवरी कला के सामने विगत चार महीने से लगा धर्म काटा दुर्घटना का केंद्र बनकर साबित हो रहा है। इन दिनों में कई घटनाएं हो चुकी हैं। समय रहते मड़िहान पुलिस सक्रियता दिखती तो यह बड़ी घटना होने से बच जाती। तीन लोगों की दर्दनाक मौत नहीं होता।
रविवार को नहीं जले बस्ती के कई घरों के चूल्हे
रामपुर गांव स्थित दलित बस्ती में तीन लोगों की मौत के बाद बस्ती में रविवार को चूल्हा नहीं जला। पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाने के लिए लोग पहुंचे। बस्ती से तीन-तीन नौजवानों के मौत से पूरी बस्ती में सियापा पड़ा रहा। पीड़ित परिवार पर टूटे दु:खो के पहाड़ टूट गया है।