विंध्याचल। लॉक डाउन चार लागू हो गया है। मंदिर से लेकर गलियों में दुकानों से जुड़े दुकानदार पसोपेश में हैं। आस्थाधाम मां विंध्यवासिनी मंदिर जहां से संपूर्ण विंध्य क्षेत्र के रोजी रोटी का संचालन होता है। सामान्य दिनों में मंदिर पर लाखों श्रद्धालुओं का आवागमन होता है। पुरोहित समाज, नाई समाज, धर्मकार, चर्मकार समाज, मंदिर के चारों तरफ सैकड़ों की संख्या में प्रसाद, माला फूल की दुकान, होटल, लाज, रेस्टोरेंट, नाविक, जलपान की दुकानें, छोटे-बड़े नारियल, इलायची दाना, चुनरी, खिलौना व्यापारी, ऑटो रिक्शा संचालक जहां प्रत्यक्ष रूप से जुड़े हुए हैं। वही अन्य सभी व्यापारी मंदिर से अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े हैं। ऐसे में विंध्य क्षेत्रवासियों को यह डर सता रहा है लॉक डाउन को खोलने के सरकारी आदेश के बाद भी विंध्याचल में श्रद्धालुओं का आवागमन संभव नहीं हो पाएगा। ऐसे में उन तमाम पुरोहित परिवार के साथ अन्य परिवार के ऊपर संकट के बादल गहराते जा रहे हैं। जिनकी आजीविका मंदिर से जुड़ी हुई है। मां विंध्यवासिनी मंदिर के आसपास के दुकानदार अपने दुकानों से सामान खाली कराने लगे हैं। दुकानदारों का कहना है कि दुकान मालिक बंदी में भी किराया छोड़ने पर तैयार नहीं हैं। कितने दिनों तक हम लोग किराया भरेंगे।