मिर्जापुर। रेलवे स्टेशन मिर्जापुर से जीआरपी द्वारा मादक पदार्थ के साथ पकड़े गए आरोपी को दोषी पाए जाने पर अपर जिला व सत्र न्यायाधीश वायु नंदन मिश्र ने एनडीपीएस एक्ट में चार वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। मामले में अपर जिला व सत्र न्यायाधीश ने एक वर्ष के अंदर आरोप तय कराने से लेकर सारी प्रक्रिया को पूर्ण कराकर फैसला सुनाया है। जीआरपी मिर्जापुर ने 13 जुलाई 2018 को रेलवे स्टेशन मिर्जापुर के प्लेटफार्म नंबर दो पानी की टंकी के पास बरगद के पेड़ के समीप भाग रहे आशीष पाल उर्फ नान्हक निवासी ककरहवा कोतवाली कटरा को गिरफ्तार किया। उसके पास से नशीला पाउडर बरामद हुआ। पूछने पर बताया कि यात्रियों को विश्वास में लेकर उनके खाने-पीने के सामान में मिला देते हैं। इसके बाद उनका सामान चोरी करते हैं। मुकदमा दर्ज कर जीआरपी ने आरोपी को जेल भेज दिया। जीआरपी ने विवेचना कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। मामले में एक वर्ष के अंदर आरोप तय कराने के साथ सारी प्रक्रिया पूरी की गई। आरोपी के पास 110 ग्राम डायजापाम बरामद होना सिद्ध हुआ। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता विनोद कुमार गुप्ता ने साक्ष्य अदालत में प्रस्तुत कर आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा देने की अपील की। मामले में अपर जिला व सत्र न्यायाधीश वायु नंदन मिश्र ने एनडीपीएस एक्ट में आरोपी को चार वर्ष के कारावास और तीन हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।