मिर्जापुर। हलिया थाना क्षेत्र के अमदह गांव में पटिदारों द्वारा जमीनी विवाद में मारपीट कर युवक की हत्या करने के मामले की सुनवाई करते हुए अपर जिला व सत्र न्यायाधीश तृतीय प्रीति श्रीवास्तव ने दोषी सिद्ध होने पर चार आरोपितों को सात वर्ष की कैद और 25 हजार के जुर्माने से दंडित किया। अर्थदंड न देने पर आठ माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
हलिया थाना क्षेत्र के अमदह गांव निवासी मंगलेश्वर सिंह ने दो जून 2007 को मुकदमा दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि उसके छोटे भाई जलेश्वर सिंह उर्फ सद्धू सिंह से चचेरे भतीजे लाला सिंह उर्फ तेज बहादुर सिंह से रंजीश चला आ रहा था। दो जून 2007 की रात नौ बजे भाई जलेश्वर सिंह गड़बड़ा धाम से अपने घर वापस आ रहे थे। जब घर के पास पहुंचे तो बांस की कोठी के पास पहुंचे तो आदित्य प्रताप सिंह, तेज बहादुर सिंह, रंजीत सिंह और हेमलता सिंह ने लाठी डंडे से हमला कर दिया। वह अपने भतीजे जितेंद्र सिंह के साथ पटिदारी के भाई राजमणि के साथ बचाव करने पहुंचे तो सभी हमलावर भाग गए।
भाई जलेश्वर सिंह को उपचार के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हलिया भेजा गया। वहां से जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल पहुंचते ही उनकी मौत हो गई। पुलिस ने गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने विवेचना कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। सहायक शासकीय अधिवक्ता श्रीधर पाल ने कुल 11 गवाह परीक्षित कराया। अधिवक्ताओं की दलील और पत्रावली पर मिले साक्ष्य के आधार पर अपर जिला व सत्र न्यायाधीश तृतीय प्रीति श्रीवास्तव ने चारो आरोपी आदित्य प्रताप सिंह, हेमलता, रंजीत सिंह, तेज बहादुर सिंह को सात-सात वर्ष की कैद के साथ दो धाराओं में 20 हजार और पांच हजार कुल 25-25 हजार के अर्थदंड से भी दंडित किया।