मिर्जापुर। जिले के चार उत्पादों सहित प्रदेश के 26 उत्पाद जीआई रजिस्ट्रेशन के लिए चिह्नित किए गए हैं। इनमें बनारस के उत्पाद भी शामिल हैं। पंजीकरण के लिए फाइल चेन्नई भेज दी गई है। जीआई टैग मिलने के बाद ये उत्पाद दुनिया में जिले के विशेष उत्पाद के रूप में जाने जाएंगे।
प्रदेश से 26 उत्पादों को जीआई पंजीकरण के लिए भेजा गया है। इसमें से 23 उत्पाद हैंडीक्राफ्ट से संबंधित हैं। जिले के आदमचीनी चावल को विशेष रूप से फोकस किया गया है। यह चावल जिले के भुइली, चकिया व शेरवां के गांव की ओर बहुतायत में पैदा होता है। यह अपने स्वाद व खुशबू के लिए मशहूर है। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के गांव में इस चावल की बहुतायत से पैदावार होती है। इन उत्पादों को जीआई टैग मिलने के बाद जिले को भी विश्व प्रसिद्धि मिलेगी। एक प्रकार से लोकल से ग्लोबल हो जाएंगे ये उत्पाद। इसी प्रकार से मिर्जापुर का पान परंपरागत रूप से लोगों को पसंद आता है। सब्जियों में बैंगन व फलों में लंगड़ा आम भी प्रसिद्ध है। बनारसी लंगड़ा की टक्कर का कोई आम नहीं है। यह कम होता है और अधिकतर निर्यात कर दिया जाता है। इसको भी जीआई टैग मिलने वाला है।
इन उत्पादों का जीआई पंजीकरण होने से जिले का तो नाम होगा ही देश को भी प्रत्यक्ष रूप से लाभ पहुंचेगा। सबसे बड़ा लाभ तो विदेशी मुद्रा का है। कोरोना के संक्रमण काल में आर्थिक संकट से जूझने में मदद मिलेगी। लाकडाउन के दौरान जो आर्थिक क्षति हुई है, उससे इन उत्पादों से लाभ लिया जा सकता है। इससे स्वदेशी की विचार धारा को भी पल्लवित किया जा सकता है।