भांवा। मड़िहान तहसील क्षेत्र के धनावल गांव में पांच दिन में चार दुधारू भैंस की मौत हो गई। पशुपालकों का आरोप है की बार-बार बुलाए जाने के बावजूद पशु चिकित्सक नहीं आए। इससे उपचार के अभाव में पशुओं की मौत हो गई । गांव निवासी रमाकांत मौर्या का कहना है कि 31 दिसंबर को उसकी पहली दुधारू भैंस की तबीयत बिगड़ते ही मड़िहान पशु चिकित्सक को सूचना दी। आरोप है कि वे आश्वासन ही देते रहे। उपचार में देरी से भैंस की मौत हो गई। दूसरी भैंस की 1 जनवरी को तबीयत बिगड़ी दुबारा फिर सूचना दी गई, फिर भी चिकित्सक नहीं आए। 3 और 4 जनवरी को दो अन्य भैंस बीमार पड़ गई। इसकी सूचना भी फोन पर पशुचिकित्सक को दी गई। इलाज के लिए वह पशु चिकित्सक से गिड़गिड़ाया, लेकिन चिकित्सक नहीं आएं। कमाई का जरिया बनी भैंस की मौत होने पर परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। चारों पशुओं की मौत के बाद परिवार के भरण पोषण के साथ बच्चों के शिक्षा दीक्षा पर खतरा मंडराने लगा है। इनका दूध बेचकर चार-चार बच्चों की पढ़ाई के साथ घर का खर्च चलता था। पशुपालक ने संबंधित चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए मुआवजा दिलाए जाने की मांग की है।