क्राइम ब्रांच एवं पड़री पुलिस ने मंगलवार की सुबह पड़री थाना क्षेत्र के मोहनपुर पहाड़ी के पास से जाली नोटों के साथ अंतरप्रांतीय गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए लोगों के पास से एक लाख सात हजार पांच सौ रुपये के नकली नोट और 315 बोर का एक तमंचा, दो कारतूस और चार मोबाइल बरामद हुए।
पंचायत चुनाव के पहले पुलिस को जाली नोटों की खेप के साथ अंतरप्रांतीय गिरोह के सदस्यों को पकड़ने में बड़ी सफलता मिली है।
एसपी दिनेश चंद्र ने पत्रकारों को बताया कि कुछ दिनों से जाली नोटों की सप्लाई की सूचना मिल रही थी। गिरोह को पकड़ने के लिए एएसपी (सिटी) अजय सिंह सीओ सदर रामनाथ वर्मा, सीओ सिटी श्वेता श्रीवास्तव, क्राइम ब्रांच प्रभारी विजय प्रताप सिंह एवं पड़री थानाध्यक्ष योगेश यादव की टीम को लगाया गया।
मंगलवार को जाली नोटों की खेप आने की सूचना मिली थी। इसी आधार पर मोहनपुर पहाड़ी के पास तोसवा मार्ग पर घेराबंदी करते हुए चार लोगों को पकड़ा गया।
तलाशी में उनके पास से एक लाख सात हजार पांच सौ रुपये के जाली नोट बरामद हुए। ये नोट हजार और पांच सौ के नोटों की शक्ल में थे। साथ ही एक के पास से 315 बोर का एक तमंचा एवं दो कारतूस भी मिले।
चारों के पास से मोबाइल भी मिले हैँ। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह लोग बिहार के सासाराम से जाली नोटों को लाकर मिर्जापुर तथा इलाहाबाद समेत अन्य जिलों में चलाते हैं।
इसमें भदोही एवं इलाहाबाद समेत कुछ अन्य जिलों के लोग भी शामिल हैं। गिरफ्तार आरोपियों में चंद्रभूषण शुक्ला निवासी भिलगो पड़री, राजबली निवासी मल्लेपुर चील्ह, अमित जायसवाल निवासी समोगरा देहात कोतवाली, राधेश्याम जायसवाल निवासी मोहाजगीर थाना मांडा इलाहाबाद शामिल हैं।
46 रुपये कमीशन मिलते हैं मुख्य आरोपी को ः जाली नोटों के धंधे का मास्टर माइंड चंदभूषण शुक्ला है। वही बिहार के सासाराम से नोटों क ो लाता है। सौ रुपये के एक नोट पर उसे 46 प्रतिशत कमीशन मिलता है।
नोट को बाजार में चलाने वाले अपने साथियों को वह अपने कमीशन का 70 फीसदी देता था।