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टिकट के लिए बदल दी निष्ठा

Mon, 30 Jan 2017 12:29 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला/ मिर्जापुर
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See, how qualified UP Election candidates from Meerut
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विधानसभा चुनाव में टिकट के लिए पार्टी बदलने का सिलसिला लगातार जारी है। इस कड़ी में अबकी बार सोनभद्र से सपा के टिकट पर सांसद रहे पकौड़ी लाल कोल के पुत्र राहुल   प्रकाश कोल ने समाजवादी पार्टी छोड़कर अपना दल सोनेलाल का दामन थाम लिया है। वे भाजपा-अद (स) गठबंधन के टिकट पर छानबे से चुनाव लड़ेंगे।  

 विधानसभा चुनाव में जिले में अपना दल अब तक खाता नहीं खलो पाई है। भाजपा-अपना दल गठबंधन के टिकट पर मिर्जापुर से अनुप्रिया पटेल के सांसद चुने जाने और उनके केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवरा कल्याण राज्यमंत्री बनने के बाद जिले में अपना दल की दावेदारी मजबूत हो गई थी। कयास लगाया जा रहा था कि अबकी चुनार और छानबे सीटों पर उनकी पार्टी अपनी दावेदारी पेश करेगी। चुनार में सूबे के पूर्वमंत्री ओमप्रकाश सिंह के पुत्र अनुराग सिंह को भाजपा ने प्रत्याशी बनाया तो गठबंधन में दरार की खबरें आने लगी थीं। छानबे सीट से प्रत्याशी घोषित करके अनुप्रिया पटेल के नेतृत्व वाली अपना दल सोनेलाल पार्टी ने जिले में विधानसभा चुनाव में अपनी दावेदारी ठोंक दी है। हालांकि पार्टी ने सपा से आए राहुल प्रकाश कोल पर भरोसा जताया है। राहुल ने ही गुपचुप तरीके से सपा छोड़ अपना दल (स) का दामन थामा था और  टिकट मिलने के बाद ही उनकी निष्ठा परिवर्तित होने की बात समाजवादी पार्टी के नेताओं को पता चली। 
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  कहा जा रहा है कि राहुल कोल, उनके पिता पूर्व पकौड़ी लाल कोल तथा माता पूर्व प्रमुख पटेहरा पन्ना देवी के साथ सपा को दो माह पूर्व ही छोड़ दिया था और अपना दल में शामिल हो गए थे। पर इस बात को गोपनीय रखा गया। राहुल सपा के जिला सचिव रह चुके हैं और अब पार्टी में सम्मान नहीं मिलने पर अपना दल सोनेलाल में शामिल होने की बात कह रहे हैं। राहुल के पिता पकौड़ी लाल कोल सोनभद्र से सपा के टिकट पर सांसद रह चुके हैं। उनकी माता पन्ना देवी पटेहरा ब्लाक की दो बार प्रमुख रह चुकी हैं।  
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उन्होंने बताया कि दो महीने पहले ही अपना दल सोनेलाल पार्टी में वह अपने पूरे परिवार के साथ शामिल हो गए थे। लेकिन इसकी घोषणा नहीं की गई थी। ना ही उन्होंने सपा को पार्टी छोड़े जाने के बारे में बताया था। दो दिन पूर्व जब छानबे क्षेत्र से  प्रत्याशी बनाया तो इसका खुलासा रविवार को किया गया। राहुल ने बीए और एलएलबी की पढ़ाई की है। वर्ष 2004 में अपने राजनीतिक कैरियर की शुरूआत की। 2006 में समाजवादी के सक्रिय सदस्य रहते हुए आठ वर्ष तक जिला सचिव के पद रहे। उनके पार्टी छोड़ने की खबर मिलने के बाद सपा जिलाध्यक्ष ने उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए आलाकमान को पत्र लिखा है। 
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