निर्धारित खपत से लगभग 50 प्रतिशत कम पेट्रोल एवं डीजल जिले को मिलने से तेल को लेकर हाहाकार मचा हुआ है।
तेल नहीं मिलने के कारण पेट्रोल पंप के मालिक आए दिन पंप बंद करने को मजबूर हो गए हैं। उनका आरोप है भारत सरकार एक निजी कंपनी को लाभ पहुंचाने के लिए सरकारी तेल कंपनियाें को कई आरोप लगाकर धीरे धीरे बंद कराने में लगी हुई है।
जिले में पिछले एक माह से पेट्रोल पंप मालिकाें द्वारा उपभोक्ताओं को डीजल पेट्रोल नहीं दिया जा रहा है। इससे व्यापार समेत अन्य मामलों पर सीधा असर पड़ता रहा है।
वाहन मालिक अपने वाहन को खड़ा करने के लिए मजबूर हैं। यही स्थिति रही तो तेल को लेकर हाहाकार मच जाएगा। धीरे धीरे सारी वस्तुएं महंगी हो जाएंगी। एक लीटर तेल के लिए मारपीट की घटनाए भी बढ़ जाएंगी।
पंप मालिकाें का कहना है कि कंपनी के पास तेल नहीं है। इससे उनको तेल आपूर्ति नहीं किया जा रहा है। बताया कि कुछ कंपनियाें को साजिश के तहत बंद कर दिया जा रहा है ।
तेल नहीं मिलने के कारण वह आए दिन पंप बंद करने को विवश हैं। तेल नहीं मिलने के कारण एक साजिश भी बताया जा रहा है। सरकारी कंपनियाें को पीछे कर निजी कंपनियाें को आगे लाने का प्रयास हो रहा है।
जिससे आने वाले दिनाें में पेट्रोल,डीजल और महंगा होने की आशंका है।