मिर्जापुर। दिसंबर माह में पड़ रही कड़ाके की ठंड व गलन ने रविवार को पिछले पांच वर्षों के रिकार्ड तोड़ दिए। साल 2020 में 28 दिसंबर को अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहा वहीं 2025 में सात डिग्री गिरकर 19 पर पहुंच गया। रविवार को अधिकतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस तो न्यूनतम तापमान आठ डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं शनिवार को अधिकतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान आठ डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया था। अधिकतम तापमान में गिरावट से ठंड जानलेवा बन गई है। लोग दिनभर ठिठुरते रहे। बादलों के चलते दिनभर धुंध बना रहा। लोग धूप के लिए तरस गए। साथ ही घने कोहरे के कारण परिवहन पर असर पड़ रहा है। सड़कों पर मौजूद लोग जगह-जगह अलाव का सहारा लेते नजर आये। घरों में भी रजाई और कंबल लोगों का सहारा बने। तापमान में गिरावट से इसका प्रतिकूल असर फसलों, पशुओं और वृद्ध व मासूम बच्चों पर पड़ रहा है। वहीं दूसरी ओर सोमवार को भी इसी तरह का मौसम रहने का पूर्वानुमान है। जारी शीतलहर में आम जनमानस के साथ ही पशु-पक्षी बेहाल रहे। जगह-जगह अलाव के सामने बैठे लोग दिन व्यतीत कर रहे थे। कड़ाके की ठंड में यात्रियों की मुसीबत बनी हुई है। ठंड के चलते रेलवे और बस स्टेशन पर पहुंचने वाले यात्रियों का हाल-बेहाल रहा।
वर्ष- अधिकतम तापमान न्यूनतम तापमान
28 दिसंबर 2020- 26 8
28 दिसंंबर 2021- 25 16
28 दिसंबर 2022- 24 7
28 दिसंबर 2023- 24 10
28 दिसंबर 2024- 23 15
28 दिसंंबर 2025- 19 8
मगध एक्सप्रेस आठ तो पुरुषोत्तम छह घंटे से अधिक देर से पहुंची-मिर्जापुर। दिल्ली की तरफ से आने वाली ट्रेनों का यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। रोजाना की तरह शनिवार को भी मगध एक्सप्रेस आठ घंटे की देरी से तो पुरुषोत्तम एक्सप्रेस छह घंटे तीस मिनट की देरी से प्लेटफॉर्म पर पहुंची। वहीं हावड़ा, चोपन और सीमांचल एक्सप्रेस दो-दो घंटे की देरी से चल रही हैं। अब पेसेंजर की भी रफ्तार धीमी पड़ने लगी है। शनिवार को पंडित दीनदयाल जंक्शन पर जाने वाली मेमो गाड़ी एक घंटा की देरी से स्टेशन पर पहुंची। इसके अलावा नंदन कानन एक्सप्रेस भी चार घंटे की देरी से चल रही है। इस समय जिन्हें दिल्ली की यात्रा करनी है या दिल्ली से मिर्जापुर आना है, उन्हें 10 से 12 घंटे अतिरिक्त समय बीताना पड़ रहा है।
सात स्थानों पर बने हैं रैन बसेरे-मिर्जापुर। जिले में सात स्थलों पर रैन बसेरे का संचालन किया जा रहा है। इनकी कुल क्षमता 180 है। नगरपालिका मिर्जापुर की ओर से सगरा बस स्टैंड-विन्ध्याचल (अस्थायी रैन बसेरा-20 लोगों की क्षमता), राजकीय रोडवेज परिसर- (अस्थायी रैनबसेरा-50 लोगों की क्षमता), घंटाघर धर्मशाला (अस्थायी रैन बसेरा-20 लोगों की क्षमता) व रेहड़ा चुंगी-विन्ध्याचल डूडा (स्थायी रैन बसेरा-50 लोगों की क्षमता) में व्यवस्था की गई है | नगरपालिका अहरौरा द्वारा सामुदायिक भवन- पट्टी खुर्द (अस्थायी रैन बसेरा-10 लोगों की क्षमता), नगरपालिका चुनार द्वारा सामुदायिक भवन-बालुघाट (अस्थायी रैन बसेरा-20 लोगों की क्षमता), नगर पंचायत कछवां द्वारा जलकल परिसर (अस्थायी रैन बसेरा-10 लोगों की क्षमता) में रैन बसेरा संचालित है। इसी के साथ ही 155 स्थानों पर अलाव जलवाए जा रहे हैं।