जरगो जलाशय पर पिचिंग कार्य में जुटे श्रमिक।- सोशल मीडिया।
इमलिया चट्टी। प्रथम पंचवर्षीय योजना के दौरान निर्मित ऐतिहासिक जरगो जलाशय का करीब सात करोड़ रुपये से कायाकल्प कराया जा रहा है।
मरम्मत कार्य के तहत क्षतिग्रस्त पिचिंग को हटाकर बांध के टॉप लेवल तक नई पत्थर की पिचिंग लगाई जा रही है। करीब छह किलोमीटर लंबे बांध की निगरानी के लिए पांच वॉच टॉवर भी बनाए जाएंगे। क्षेत्र में सात नदियों और 27 नालों को बांधकर वर्ष 1956 से 1958 के बीच 1.21 करोड़ रुपये की लागत से जरगो जलाशय का निर्माण कराया गया था।
इस जलाशय से क्षेत्र की हजारों एकड़ कृषि भूमि सिंचित होती है। पिछले वर्ष अच्छी बारिश के कारण जलाशय लबालब भर गया था। इसके बाद बांध को और मजबूत बनाने के लिए व्यापक मरम्मत का निर्णय लिया गया। हाल ही में इसी जलाशय से धान की नर्सरी और सिंचाई के लिए नहरों में पानी छोड़ने का भी निर्णय लिया गया था। वर्तमान में जलाशय का जलस्तर 314.09 फीट है, जबकि इसकी अधिकतम जलधारण क्षमता 322 फीट है। संवाद