मिर्जापुर। आरक्षी पुलिस भर्ती परीक्षा के दौरान नकल माफिया गिरोह को पकड़ने में जुटी पुलिस ने फर्जी पेपर खरीद कर परीक्षा देने पहुंचे दो लोगों को पकड़ लिया। इसके साथ ही फर्जी पेपर उपलब्ध कराने वाले गिरोह के सरगना समेत तीन और लोगों को पुलिस ने पकड़ा है। पकड़ा गया एक व्यक्ति एक विद्यालय में लिपिक के पद पर तैनात है। पुलिस सभी से पूछताछ कर रही है।
पुलिस अधीक्षक अभिनंदन ने बताया कि आरक्षी पुलिस भर्ती परीक्षा को देखते हुए सर्विलांस और एसओजी की टीमों को सक्रिय किया गया था। इस बीच मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ लोग नकल सामग्री उपलब्ध करा रहे हैं। टीमों ने फर्जी पेपर उपलब्ध कराने वाले संजय कुमार मौर्या निवासी बरजी मुकुंदपुर थाना पड़री, रतन कुमार मौर्या निवासी बरकछां पहाड़ी कोतवाली देहात और मुन्नू बिंद निवासी दुल्हापुर राजपुर थाना पड़री को पकड़ लिया। उनसे पूछताछ में पता चला कि उन्हाेंने फर्जी पेपर और आंसर शीट बनाकर अभ्यर्थियों को बेचा है। इसके बाद कटरा कोतवाली क्षेत्र के जंगी रोड स्थित आरआर इंटर कॉलेज से दो लोगों सुनील कुमार मौर्या निवासी भेवर करमानपुर थाना पड़री और राम मूरत यादव निवासी जयापुर कोतवाली देहात को पकड़ा गया। सभी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
उन्होंने बताया कि जांच में पता चला कि इन दोनों ने 10 से 15 हजार रुपये देकर फर्जी प्रश्न पत्र और आंसर शीट लिया था। संजय गिरोह का सरगना है। रतन कुमार मौर्या विशाल इंटर काॅलेज में लिपिक है। पुलिस अधीक्षक अभिनंदन ने बताया कि नकल कराने वालों को पकड़ने के लिए टीम छानबीन में लगी थी। फर्जी पेपर बनाकर बेचने वाले गिरोह के लोगों को पकड़ा गया है। आरोपियों ने परीक्षा की सुचिता को भंग करने का काम किया है। फर्जी पेपर व्हाट्सएप के माध्यम से देते थे। परीक्षा देने वालों और पेपर बेचने वालों के बीच व्हाट्सएप पर पेपर और गुगल पे आदि के माध्यम से पैसे देने के साक्ष्य मिले हैं। उन्होंने कहा कि एसआईटी गठित कर कार्रवाई की जाएगी। गिरोह के बाकी लिंक की भी जांच की जा रही है। मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।