फास्ट ट्रैक कोर्ट और अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय की अदालत ने मंगलवार को दो मामलों की अलग अलग सुनवाई करते हुए पांच हत्यारोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही प्रत्येक पर 25 हजार का जुर्माना भी लगाया।
फास्ट ट्रैक कोर्ट पीएन श्रीवास्तव की अदालत ने विवाहिता की हत्या के आरोपी पति, सास और ससुर को सश्रम आजीवन कारावास तथा प्रत्येक को 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
अभियोजन के अनुसार मड़िहान क्षेत्र के बघौड़ा निवासी आशीष पुत्र हौसला के साथ वादी राजनारायण सिंह की पुत्री मालती देवी की शादी वर्ष 2007 में हुई थी। दहेज को लेकर उसकी पुत्री को प्रताड़ित किया जाता था।
15 मार्च 2013 को उसकी गला दबा कर हत्या करने के बाद उसे जला दिया गया। मंगलवार को कोर्ट ने हत्यारोपी पति आशीष, ससुर हौसिला तथा सास निर्मला देवी को दोष सिद्ध पाते हुए सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई साथ ही प्रत्येक पर 25 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया।
दूसरे मामले में द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश अशोक कुमार मिश्र ने पिता की हत्या के आरोपी पुत्र व पुत्र वधू को दोषी सिद्ध पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
अभियोजन के अनुसार, मड़िहान क्षेत्र के धुरकर गांव निवासी बलिराम पुत्र हरिशंकर कोल तथा राधा पत्नी बलिराम पर आरोप है कि दोनों पिता की दूसरी शादी से नाराज थे।
16 जनवरी 2011 की रात हरिशंकर की हत्या कर दोनों ने उसके शव को बोरे में भर कर खेत में गाड़ दिया था। इस मामले में अदालत ने बलिराम और उसकी पत्नी राधा को दोषसिद्ध पाते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई। साथ ही प्रत्येक को15 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया।