इस दर्दनाक घटना को यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने संज्ञान लिया है। इस मामले को लेकर उन्होंने सरकार पर निशाना साधा है। सोशल मीडिया एक्स पर उन्होंने लिखा है कि मिर्ज़ापुर में पोलिंग पार्टियों के 7 कर्मियों की मौत की ख़बर बेहद दुखद है। सरकार अपना मौन तोड़े और बदइंतज़ामी की वजह से जिनके परिवार उजड़ गये हैं, उनको भावनात्मक राहत देने के लिए आगे आए।
सरकार 5 होमगार्ड, सीएमओ कार्यालय के 1 लिपिक और 1 सफ़ाईकर्मी के परिवार के लिए तुरंत 5-5 करोड़ का मुआवज़ा घोषित करे और जो अन्य कर्मी गर्मी के कारण बीमार पड़ गये हैं उन सभी लोगों को अच्छे-से-अच्छा उपचार उपलब्ध कराए। इस सरकार में कर्मचारियों के जीवन का कोई मोल नहीं है।
न उनको सही समय पर पे कमीशन के रिक्मंडेशन के हिसाब से वेतन मिल पा रहा है, न पुरानी पेंशन का लाभ। कर्मचारियों को अनावश्यक कामों में उलझाकर भी उन्हें तनावग्रस्त जीवन जीने के लिए मजबूर किया जा रहा है और सरकार के भ्रष्टाचार का ठीकरा भी उन्हीं कर्मियों और अधिकारियों के सर मढ़ा जा रहा है।