पशु चिकित्सकों ने बताया कि बकरियां और अन्य मवेशी मसालेदार, बासी अथवा अधिक मात्रा में पका हुआ भोजन पचा नहीं पाते हैं। ऐसा भोजन उनके पाचन तंत्र और लीवर पर प्रतिकूल असर डालता है। उन्होंने पशुपालकों से अपील की कि मवेशियों को केवल ताजा और संतुलित चारा तथा उनके लिए उपयुक्त आहार ही खिलाएं। बरात, भोज या अन्य आयोजनों का बचा हुआ मसालेदार भोजन पशुओं को देने से बचें।
लेखपाल अमरेश सिंह ने बताया कि घटना की रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी जाएगी। उन्होंने पीड़ित पशुपालक को नियमानुसार मिलने वाली आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है। वहीं, प्रशासन ने पशुपालकों से जागरूक रहने और मवेशियों के खानपान में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।