हत्या का दोषी अंशुमाली मिश्र 2009 में बिनानी पीजी काॅलेज का रहा है पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष
कटरा कोतवाली के आवास विकास काॅलोनी में 28 सितंबर 2009 को दशहरा के दिन की गई थी हत्या
मिर्जापुर। 17 वर्ष पहले दशहरा के दिन नगर के कटरा कोतवाली क्षेत्र के आवास विकास काॅलोनी में मामूली विवाद में सरजिल अहमद की गोली मारकर हत्या और चार लोगों पर जानलेवा हमले के मामले की अपर सत्र न्यायाधीश संतोष कुमार गौतम ने पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष अंशुमाली मिश्रा समेत वंश नारायण पांडेय, ऋषि पांडेय, प्रमोद कुमार दुबे, बाल कृष्ण दुबे को हत्या और हत्या के प्रयास में दोषी करार देेते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। दोषियों पर 45-45 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
कटरा कोतवाली क्षेत्र के आवास विकास काॅलोनी निवासी दानीश अहमद ने 28 सितंबर 2009 को तहरीर देकर बताया कि उसके मोहल्ले के आमीर खान बाइक से शाम साढ़े छह बजे जा रहा था। विंध्य नर्सरी स्कूल के सामने रोडवेज की तरफ से शशि पांडेय उर्फ सरदार निवासी आवास विकास काॅलोनी बाइक से आ रहा था। मोड़ पर आमीर की बाइक असंतुलित हो गई। इस पर नाराज होकर शशि ने आमीर को दो-तीन थप्पड़ मार दिया। इसके बाद आमीर पंकज यादव उर्फ चिंतू यादव के जिम पहुंचा। जहां पर पंकज यादव निवासी रोडवेज तिराहा, निखिल यादव, विवेक कुमार श्रीवास्तव निवासी पथरहिया, उसके भाई सरजिल अहमद रात साढ़े नौ बजे विंध्य नर्सरी स्कूल के सामने पहुंचे। वहां पर पहले से वंश नारायन पांडेय लोहे का राॅड लेकर खड़ा था। उसके साथ ऋषि पांडेय उर्फ गुरु तलवार लेकर, शशि पांडेय उर्फ सरदार राॅड लेकर, प्रमोद कुमार दुबे उर्फ दरोगा राइफल लेकर, अंशूमाली मिश्र तमंचा लेकर, बाल कृष्ण दुबे उर्फ लाल तमंचा लेकर और अन्य लोग लाठी-डंडे के साथ खड़े थे। सभी ने सरजिल और उसके साथियों पर हमला कर दिया। सरजिल और दीपक को गोली लगी। निखिल और पंकज घायल हो गए। गोली की आवाज सुनकर लोग पहुंचे तो आरोपी हवाई फायर करते हुए भाग गए। अस्पताल ले जाने पर सरजिल की मौत हो गई। मामले में पुलिस ने पांच लोगों पर हत्या और हत्या के प्रयास की प्राथमिकी दर्ज की। आरोपियों को गिरफ्तार उनके पास से असलहा जब्त कर जेल भेजा। आरोपी जमानत पर रिहा हुए। पुलिस ने विवेचना कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी ने गवाह और बयान को न्यायालय में पेश्र दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिए जाने की अपील की। गवाहों के बयान और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य को देखते हुए अपर सत्र न्यायाधीश संतोष कुमार गौतम ने पांचों को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
दशहरा के दिन हत्या से मचा था हड़कंप
दशहरा वाले दिन पूरे शहर में भीड़-भाड़ थी। लोग मेला देखने के लिए निकले थे। इस दौरान नगर में गोली मारकर हत्या करने की घटना से हड़कंप मच गया। तात्कालीन एसपी राजेश मोडक ने आरोपियों को पकड़ने के लिए टीम बनाई। आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।