मिर्जापुर। कोरोना संक्रमण ग्रामीण क्षेत्रों के साथ ही अब शहर में बढ़ने लगा है। हालत यह है कि मार्च के अंत तक जहां 10 से 20 के बीच एक्टिव केस थे, 10 अप्रैल तक इनकी संख्या 428 हो चुकी है। एक अप्रैल से तेजी से फैल रहे संक्रमण का शिकार शुरुआत में ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले लोग हो रहे थे, पर अब शहर में भी संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है।
20 मार्च के आस-पास जिले में एक-दो संक्रमित ही मिल रहे थे और एक्टिव केस की संख्या पांच से छह थी। 25 मार्च को एक्टिव केस 25 था। 30 मार्च को एक्टिव केस 27 थे। 29 मार्च को होली थी। होली पर्व के मद्देनजर दूसरे प्रदेशों में काम करने वाले अपने गांव की ओर लौटे थे। इसके लिए रेलवे स्टेशन पर आने वाले यात्रियों की कोविड जांच केे निर्देश दिए गए थे, परंतु रेलवे स्टेशन पर कोविड जांच की खानापूर्ति की गई। कुछेक ट्रेनों से आने वाले यात्रियों की ही जांच की जाती थी। कई यात्री जांच कराने पर भिड़ जाते थे। इस बीच एक अप्रैल को 11 संक्रमित मिलने के बाद एक्टिव केस 36 हो गए। जिसके बाद कोरोना संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ती रही। इस बीच कोरोना संक्रमित की संख्या ने नौ अप्रैल को 100 के आंकड़े को भी पार कर लिया। इन 10 दिनों में 438 संक्रमित मिले और एक्टिव केस 428 हैं। होली पर बाहर से आए लोग और गांव में चुनावी माहौल के चलते गांवों में तेजी से संक्रमण फैला। एक अप्रैल से फैले संक्रमण में शुरुआत के समय में सबसे अधिक मरीज ग्रामीण क्षेत्र से ही मिल रहे थे, परंतु अब 10 अप्रैल के आसपास की बात करें तो संक्रमण शहरी इलाके में तेजी से पांव पसार रहा है।
मिर्जापुर। जिले में शनिवार को भी 50 से अधिक संक्रमित मिले। राहत की बात यही है कि इस बार संक्रमण तेजी से फैल रहा है, पर इन 10 दिनों में जिले में कोरोना से किसी की मौत नहीं हुई है। शनिवार को 82 संक्रमितों के मिलने के बाद कुल संक्रमितों की संख्या तीन हजार 936 हो चुकी है। शनिवार को पांच के स्वस्थ होने पर उसको डिस्चार्ज किया गया। अब तक तीन हजार 461 लोगों के स्वस्थ होने पर उनको डिस्चार्ज कर दिया गया है। जिले में अब तक 47 मरीजों की मौत हो चुकी है। इस समय 428 एक्टिव केस है। एल-टू अस्पताल के आईसोलेशन में इस समय 11 मरीज हैं। 389 लोग होम आईसोलेशन में है। 15 दूसरे जिले में भर्ती है। 13 मरीजों को ट्रेस नहीं किया जा सका है। प्रभारी सीएमओ ने बताया कि शनिवार को एक हजार 913 की रिपोर्ट आई है। इसमें डाक्टर, स्वास्थ्यकर्मी व अन्य संक्रमित पाए गए है। इसमें 62 पुरुष और 20 महिला संक्रमित पाई गई है। जिले में अब तक चार लाख 18 हजार 36 का सैंपल लिया जा चुका है। चार लाख 15 हजार 985 की रिपोर्ट आई है। दो हजार 51 की रिपोर्ट आना बाकी है। जिले में अब तक दो लाख 43 हजार 951 की एंटीजन किट से जांच कराया गया है। जिले में इस समय 189 हाट स्पाट है। 77 ग्रामीण और 112 शहरी क्षेत्र में है।
..संक्रमित मिलने पर लिया गया सैंपल
हलिया। स्थानीय थाना क्षेत्र के एक गांव में एक युवक की रिपोर्ट कोरोना पाजिटिव मिलने पर शनिवार को प्रभारी चिकित्साधिकारी डा.अभिषेक जायसवाल के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में पंहुचकर अगल बगल के 25 घरों के लोगों का आरटीपीसीआर जांच के लिए सैंपल लिया है। डाक्टर ने सभी को मास्क लगाने, साफ सफाई रखने, सेनिटाइजर का इस्तेमाल करने व दो गज की दूरी बनाए रखने की हिदायत दिया। स्वास्थ्य टीम में सीएचओ तीरथराम, अखिलेश कुमार, एलटी, किशोर कुमार ,सीएच ओ अखिलेश, सुभाष आदि मौजूद रहे।
दोपहर में खत्म हुआ टीका, शाम को पहुंचा 20 हजार डोज
मिर्जापुर। टीकाकरण अभियान में तेजी लाने के लिए प्रदेेश सरकार ने 11 से 14 अप्रैल तक टीका उत्सव मनाते हुए अधिक से अधिक लोगों को टीका लगाने का लक्ष्य रखा था, पर जिले में कई बूथों पर टीका खत्म हो गया था। विंध्याचल भी तीन दिनों से टीका नहीं लग रहा है। सीएचसी पर प्रथम और दूसरी डोज लगवाने वाले भी परेशान है। शनिवार की दोपहर मंडलीय अस्पताल में बने जिले के प्रमुख बूथ पर भी टीका खत्म हो गया। टीका लगवाने वाले बूथ पर पहुंच कर इंतजार करते है। दोपहर तक यह चर्चा तेज हो गई कि आखिर रविवार से टीका उत्सव कैसे होगा। शाम तक 20 हजार डोज जिले में पहुंच गई। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. निलेश श्रीवास्तव ने बताया कि शाम को 20 हजार डोज कोविडशील्ड वैक्सीन आई है। रविवार को जिले के 13 कोल्डेचेन प्वाइंट पर बने 124 बूथों पर कोरोना का टीका लगाया जाएगा। 11 से 14 तक कोरोना उत्सव मनाते हुए अधिक से अधिक कीटा लगाया जाएगा। जिस कार्यालय या फैक्ट्री में 45 वर्ष वाले 100 से अधिक लोग होंगे। वहां जाकर टीकाकरण किया जाएगा।
टीका है जरुरी, संक्रमण से बचाएगा
मिर्जापुर। टीके की दो डोज लगने के बाद भी कई लोग संक्रमित हुए। इसमें डाक्टर और फ्रंट लाइन वर्कर संक्रमित हुए। इस पर जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. निलेश श्रीवास्तव ने बताया कि वैक्सीन लगाने के बाद भी हमें सावधानी बरतनी है। कोरोना की वैक्सीन लगाने से संक्रमित होने वाले को ज्यादा समस्या नहीं आएगी। बिना वैक्सीन लगवाए लोग संक्रमित होते है तो उनको समस्या होती है। आगे संक्रमण के चलते वे ज्यादा गंभीर हो जाते है, पर वैक्सीन लगे होने पर मरीज ज्यादा गंभीर नहीं होता और जल्दी रिकवर होता है। संक्रमित होने पर आक्सीन घटता है। अलग से आक्सीजन देना पड़ता है। वैक्सीन लगे होने पर आक्सीजन की कमी ज्यादा नहीं होती।