विंध्याचल। विंध्याचल मंदिर में मां विंध्यवासिनी की झांकी के ठीक सामने सोमवार को दोपहर बाद आग लग गई। लपटें उठतीं देख दर्शन-पूजन के लिए आए श्रद्धालु तितर-बितर हो गए। देखते ही देखते मंदिर परिसर खाली हो गया। हालांकि, पुलिस ने लोगों के सहयोग से अग्निशमन यंत्र के सहारे आग पर काबू किया। गनीमत रही कि घटना के दौरान मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या कम थी, अन्यथा बड़ी घटना हो सकती थी।
मंदिर में मां विंध्यवासिनी के गर्भगृह के बाहर झांकी (खिड़की) के ठीक सामने एक कुंड के पास श्रद्धालु अक्सर घी के दीपक आदि जलाते हैं। इससे फर्श और दीवार पर घी की परत जम गई है। सोमवार को दोपहर में मां विंध्यवासिनी के शृंगार व आरती के बाद किसी श्रद्धालु ने झांकी के सामने फर्श पर कपूर जला दिया। ज्यादा मात्रा में कपूर जलाए जाने से घी ने आग पकड़ ली। आग की लपटें उठती देख दर्शन-पूजन के लिए पहुंचे श्रद्धालु तितर-बितर हो गए। सूचना पर तीर्थ पुरोहित के अलावा धाम चौकी प्रभारी राजेश कुमार मिश्रा मौके पर पहुंचे। लोगों से सहयोग से पुलिस ने अग्निशमन यंत्र के जरिये आग पर काबू किया। आग की पूर्व में हुई घटनाओं के चलते उस स्थान पर कपूर और दीपक जलाना प्रतिबंधित है। इसके लिए कॉरिडोर परिसर में नवनिर्मित हवन कुंड पर स्थान निर्धारित किया गया है। इसके बावजूद लोग यहां दीपक जलाते हैं। एएसपी सिटी नितेश सिंह का कहना है कि झांकी के सामने कपूर जलाने से कुछ देर के लिए आग लगी थी। जिसे बुझा लिया गया। कोई घटना नहीं हुई है।