मिर्जापुर। एनडीपीएस एक्ट के लंबित विवेचना में न्यायालय में गवाही के लिए उपस्थित नहीं होने पर विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट वायु नंदन मिश्र ने निरीक्षक पर 100 रुपये का अर्थदंड लगाया है। न्यायालय ने पुलिस अधीक्षक सोनभद्र को वेतन से 100 रुपये काटकर पत्र प्राप्त होने के 10 दिन के अंदर रुपये न्यायालय में जमा कराने को कहा है। वरिष्ठ कोषाधिकारी सोनभद्र को वेतन से 100 रुपये आहरित नहीं होने देने का भी आदेश दिया है।
विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट वायु नंदन मिश्र ने आदेश जारी कर बताया है कि एनडीपीएस एक्ट में मामला 28 अगस्त 2023 से लंबित चल रहा है। इस प्रकरण में छह माह से सोनभद्र में पुलिस लाइन में तैनात निरीक्षक राजकुमार को कई बार न्यायालय में उपस्थित होने का आदेश जारी किया गया, परंतु साक्ष्य के लिए निरीक्षक उपस्थित नहीं हुए। जो अत्यंत खेदजनक है। पास के जनपद में कार्यरत होने के बाद भी साक्षी न्यायालय में उपस्थित नहीं हो रहा है। आदेश में बताया गया है कि जौनपुर में तैनाती के दौरान भी निरीक्षक न्यायालय में उपस्थित नहीं हुआ। छह माह से निरीक्षक का न्यायालय में हाजिर नहीं हाेने से जौनपुर के तत्कालीन और सोनभद्र के पुलिस अधीक्षक की संवेदनहीनता तथा अनुशासनहीनता प्रदर्शित हो रही है। इसको देखते हुए निरीक्षक को 100 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया जाता है। न्यायालय ने पुलिस अधीक्षक सोनभद्र को आदेशित किया कि वेतन से 100 रुपये काटकर पत्र प्राप्त होने के 10 दिन के अंदर न्यायालय में जमा करें। वरिष्ठ कोषाधिकारी सोनभद्र को वेतन से 100 रुपये आहरित न होने देने का आदेश दिया है। पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर निरीक्षक को न्यायालय में उपस्थित कराने और तत्कालीन एसपी जौनपुर, वर्ततान एसपी सोनभद्र के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई के लिए कहा है। न्यायालय ने यह भी कहा है कि पांच मार्च 2024 को निरीक्षक के न्यायालय में उपस्थित नहीं होने पर इसे न्यायालय का अवमानना मानते हुए पुलिस महानिदेशक और एसपी सोनभद्र के खिलाफ प्रकरण उच्च न्यायालय में प्रेषित किया जाएगा।