अहरौरा। मां भंडारी देवी शक्ति पीठ के नीचे स्थित बंजर भूमि पर दुकान लगाने के नाम पर कब्जे को लेकर बुधवार को सुबह विवाद के बाद दो पक्षों में जमकर मारपीट हो गई। इस दौरान गड़ासा से हमला किया गया। मारपीट की इस घटना में एक पक्ष की दो महिलाओं समेत तीन लोग घायल हो गए। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने छह लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। विवादित दुकान को बुलडोजर चलवाकर ध्वस्त करा दिया। पुलिस तीन अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है। उधर, थानाध्यक्ष कुमुद शेखर सिंह ने बताया कि पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार मिश्रा ने एक दिन पूर्व मां भंडारी देवी शक्ति पीठ पर्वत शिखर के नीचे हुई मारपीट के मामले में लापरवाही बरतने तथा कार्रवाई न करने पर चौकी प्रभारी नगर व मेला प्रभारी इंद्रजीत यादव को लाइन हाजिर कर दिया है।
अहरौरा खास डीह इलाके में स्थित मां भंडारी देवी पर्वत शिखर के नीचे बंजर भूमि पर दुकान लगाने को लेकर दो पक्षों ने मंगलवार को मारपीट हुई थी। इसमें पुलिस की तरफ से कार्रवाई की गई थी। आरोप है कि बुधवार को सुबह राजकुमार मौर्या दुकान लगाने पहुंचा तो दूसरे पक्ष ने फिर हमला कर दिया। जिसमें राजकुमार, उसकी पत्नी प्रमिला और बहन पूनम घायल हो गई। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची अहरौरा पुलिस ने घायलों को सीएचसी पहुंचाया। जहां हालत बिगड़ने पर दोनों महिलाओं को ट्रामा सेंटर वाराणसी रेफर कर दिया गया। उधर, इस मामले की जानकारी होते ही नायब तहसीलदार अरुण कुमार, क्षेत्राधिकारी ऑपरेशन अनिल कुमार पांडेय, थानाध्यक्ष मड़िहान शैलेश राय पुलिस व पीएसी के साथ मौके पर पहुंचे। माला फूल की दुकान पर बुलडोजर चलवाकर बंजर भूमि को अतिक्रमण मुक्त करा दिया गया।
उधर, राजकुमार मौर्य ने तहरीर देकर बताया कि बुधवार को सुबह फिर से दुकान लगाने पहुंचा तो विपक्षी राजेश यादव, घनश्याम यादव, उदय, जयसिंह, लल्लन यादव, कलावती देवी, सरिता देवी, शीला देवी, हीरावती देवी पहाड़ के ऊपर से ढेला पत्थर फेंकते हुए आए। उसे और उसकी पत्नी प्रमिला देवी व बहन पूनम को जान से मारने की नियत से मारते-पीटते गली में ले गए। वहां गड़ासा चला दिया। शोर मचाने पर आस-पास के लोग बचाने दौड़े तो गले का मंगलसूत्र व माला फूल की बिक्री के रुपये लेकर भाग निकले। तहरीर पर पुलिस ने हमला करने के आरोप में छह आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस तीन अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है। थानाध्यक्ष कुमुद शेखर सिंह ने बताया कि पीड़ित की तहरीर पर नौ लोगों के खिलाफ बलवा और प्राणघातक हमला का मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपियों में से छह को चित्त विश्राम तिराहे के पास से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।