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Mirzapur News: गलत रिपोर्ट देने वाले नेशनल पैथोलॉजी पर कार्रवाई के लिए पिता ने डीएम और एसपी से लगाई गुहार

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कलेक्ट्रट परिसर में ज्ञापन देने के बाद खड़ा अ​धिवक्तता विरेंद्र यादव, स्रोत संवाद
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घटना के छह दिन बाद ज्ञापन सौंपा, कहा मामले का खुलासा होने पर आरोपी डरा धमका रहे
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मड़िहान/मिर्जापुर। बेटे को कैंसर की गलत अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट देने वाले नेशनल पैथोलॉजी के संचालक की ओर से शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न करने का आरोप लगाते हुए पीड़ित वीरेंद्र यादव ने छह दिन बाद डीएम और एसपी से न्याय की गुहार लगाई।
मड़िहान के मलुआ निवासी अधिवक्ता वीरेंद्र कुमार यादव ने बृहस्पतिवार को ज्ञापन देने पहुंचे थे। घटना से संबंधित कुछ वीडियो ऑडियो भी वायरल हुए थे। वीरेंद्र कुमार यादव ने बताया कि 27 अप्रैल 2026 को उनके पुत्र हर्ष यादव के पेट में दर्द होने पर मंडलीय अस्पताल में तैनात असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. राजेश कुमार बिंद को दिखाया। जहां चिकित्सक ने बच्चे का अल्ट्रासाउंड जांच कराने के लिए लिखा। जिसके बाद अस्पताल के सामने स्थित नेशनल पैथोलॉजी से जांच कराई। आरोप है कि सेंटर ने रिपोर्ट में यकृत में पथरी और कैंसर दिखाया। रिपोर्ट के चलते पूरा परिवार सदमे में चला गया। फिर एक मई 2026 को डॉ. दिनेश कुमार सिंह को दिखाया। उन्होंने सीटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड व खून की जांच के लिए लिखा। इस बार रामबाग स्थित आदित्य पैथोलॉजी से जांच अल्ट्रासाउंड की जांच कराई। जहां की रिपोर्ट में सब कुछ सामान्य आया। आदित्य में नेशनल पैथोलॉजी की रिपोर्ट दिखाया तो बताया कि यह रिपोर्ट गलत है। आदित्य पैथोलॉजी ने नेशनल पैथोलॉजी के संचालक को कहीं से जानकारी मिल गई। इसके बाद नेशनल पैथोलॉजी के लोग वहां कर रिपोर्ट मांगने लगे। रिपोर्ट देेने से मना करने पर नेशनल पैथोलॉजी के लोगाें ने अभद्रता कर धमकी दी। वहां से भाग कर अस्पताल चौकी आए। बताया कि वहां नेशनल पैथोलॉजी के डॉ सीबी जायसवाल पैसा लेकर समझौते का दबाव बनाने लगे। अगले दिन मड़िहान आकर पैसा और शराब देकर खरीदने की कोशिश की। मांग की कि इसकी जांच कर नेशनल पैथोलॉजी का लाइसेंस निरस्त करते हुए बंद करने का आदेश दिया जाए।
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इनसेट
डीएम के आदेश पर तीन सदस्यीय टीम कर रही है जांच
नेशनल पैथोलॉजी की ओर से गलत रिपोर्ट देने के मामले में जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने सीएमओ को जांच कर कार्रवाई करने का आदेश दिया था। मामले में सीएमओ डॉ. सीएल वर्मा ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की। समिति ने जांच के दौरान दोनों पैथोलॉजी सेंटर से रिकार्ड और साक्ष्य इकट्ठे किए गए हैं। समिति ने पीड़ित की शिकायत व बयान के लिए न आने की बात कही जा रही थी। अब जब पीड़ित ने भी जिलाधिकारी के यहां लिखित शिकायत दे दी है तो फिर अब जांच के बाद कार्रवाई हो सकती है।
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