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कृषि अध्यादेश के खिलाफ किसानों ने किया चक्का जाम

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अहरौरा। केंद्र सरकार के पांच जून को लागू किए गए कृषि अध्यादेशों के खिलाफ भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने सोनपुर के पास अहरौरा-जमुई मार्ग पर चक्का जाम कर दिया। अध्यादेश को कंपनी राज का नाम देते हुए भाकियू की जिला इकाई ने प्रधानमंत्री को संबोधित पत्रक थाना प्रभारी को देकर जाम समाप्त किया। इस दौरान सरकार के प्रति विरोध में तीनों कानूनों को वापस लेने की मांग करते हुए किसानों ने जमकर नारेबाजी की।
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किसानों ने पत्रक देकर मांग किया कि फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद की गारंटी का कानून बनाया जाए। स्वामीनाथन आयोग के सी 2 प्लस 50 प्रतिशत फार्मूले के अनुसार फसलों का एमपीएस दिया जाय। साथ ही कहा कि धान में खरीफ की फसलों की खरीद एमपीएस पर की जाय। उन्होंने कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य को सभी फसलों पर लागू करते हुए कानून बनाया जाए। समर्थन मूल्य से कम पर खरीद हो तो अपराध की श्रेणी में शामिल किया जाय। मंडलाध्यक्ष प्रहलाद सिंह ने कहा कि सरकार ने किसानों के साथ धोखा किया है। किसानों ने सरकार को याद दिलाया कि वर्ष 2014 के घोषणा पत्र में फसलों के दाम स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक देने का वादा किया था। लेकिन सरकार ने वादा को पूरा नहीं किया। सरकार किसानों के साथ बेईमानी कर रही है। जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
दो किमी लंबा लगा जाम
अहरौरा। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले किसानों का जत्था सोनपुर गांव से सटे हनुमान मंदिर के पास अहरौरा जमुई मार्ग को जाम करके बैठ गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने जाम खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन किसान नहीं माने। सरकार विरोधी नारे लगते रहे। इस दौरान सड़क पर दो किलोमीटर लंबा जाम लग गया। एसडीएम चुनार के व्यस्त होने के चलते मौके पर मौजूद थानाध्यक्ष राजेश चौबे को किसानों ने प्रधानमंत्री को संबोधित पत्रक सौंपा और धरना समाप्त कर दिया। आवागमन शुरू होने पर पुलिस ने राहत की सांस ली। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से भाकियू के मंडल अध्यक्ष प्रहलाद सिंह, जिला अध्यक्ष सिद्धनाथ सिंह, अरुणेश सिंह, अनिल सिंह, धर्मेंद्र सिंह, रतन लाल, कंचन सिंह, परशुराम मौर्य, उदयनाथ, अवधेश सिंह, अजय सिंह, विश्वनाथ सिंह प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
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महिला किसानों ने भी अलापा सरकार विरोधी राग
अहरौरा। कृषि कानून के विरोध में महिलाएं भी भागीदार बनी। सोनपुर में सड़क जाम कर धरना प्रदर्शन के दौरान महिलाएं भी मुखर हुई। उन्होंने सरकार को किसानों का विरोधी बताया और चेतावनी दी कि तीन सूत्री मांग पत्र को तत्काल स्वीकार कर लिया जाय अन्यथा किसान सड़क पर उतरने को बाध्य होंगे। विरोध के दौरान सावित्री देवी, कंचन देवी, उर्मिला देवी, प्रेमा देवी, लक्ष्मीना देवी, मालती देवी, सुषमा देवी, सुनीता देवी, संतोषी देवी, अनिता देवी सहित अन्य महिलाएं उपस्थित रहीं।
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