मिर्जापुर। पिछले सप्ताह हुई बारिश के चलते खेतों में बनीं नमी देख किसान धान नर्सरी तैयार करने में जुट गए हैं। चिलचिलाती धूप के बावजूद वे फावड़ा व कुदाल लेकर खेतों की निराई व गुड़ाई में जुटे रहे। अधिकांश किसान खेतों में पशुओं के लिए हरा चारा बोने के साथ ही ज्वार व बाजरा की बोआई में लगे रहे।
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि खेतों में हरी खाद के लिए ढैंचा बोआई व धान की नर्सरियां डालने का उपयुक्त समय है। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि बरसात के दिनों में खेतों में ढैंचा की बोआई करें। इससे खेतों में उर्वरा शक्ति बढ़ने के साथ ही पैदावार अधिक होती है। उन्होंने कहा समस्त राजकीय बीज भंडारों पर ढैंचा बीज के साथ ही धान सीयाट्स 1, धान सी.ओ. 51, धान एच.यू.आर 917, धान एमटीयू 7029, धान पंत 24 व धान पी.आर. 121 के बीज उपलब्ध हैं। जिला कृषि अधिकारी ने कहा समस्त बीजों पर 25 से लेकर 50 प्रतिशत तक सरकार की ओर से अनुदान दी जा रही है।