शारदीय नवरात्र के चतुर्थी को विंध्यवासिनी देवी के दर्शन-पूजन करने को भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। नगर की सातों गलियों में श्रद्धालु ही दिखाई दे रहे थे। उन्होंने गंगा स्नान और देवी का पूजन किया। मंगला आरती के बाद से मध्यरात्रि मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।
बुधवार की भोर में तीन बजे विंध्य दरबार में मां विंध्यवासिनी देवी के मंगला आरती के बाद श्रद्धालुओं का रेला उमड़ पड़ा। घंटा-घड़ियाल, शंख, नगाड़ा, जयकारा और मंत्रों से सारा वातावरण गुंजायमान होता रहा। विंध्याचल स्थित न्यू वीआईपी व पुरानी वीआईपी रोड, जैपुरिया गली, पक्काघाट गली, कोतवाली गली, बच्चा पाठक की गली सहित कई अन्य गलियां श्रद्धालुओं से पटी रहीं। विंध्यधाम पहुुंचने के बाद मां का तरह-तरह के पुष्पों व आभूषणों से शृंगार किया गया।
मंदिर पहुंचने के बाद किसी ने गर्भगृह में जाकर तो किसी ने झांकी से मां का दर्शन कर सुख-समृद्घि के लिए कामना किया।
मंदिर के छत पर जहां मुंडन व जनेऊ संस्कार चल रहा है। विंध्याचल मंदिर सहित पूरे विंध्य क्षेत्र में जगह जगह बैठ कर लोग साधना कर रहे हैं। मां विंध्यवासिनी देवी का दर्शन-पूजन करने के बाद बड़ी संख्या में भक्तों ने अष्टभुजा पहाड़ पर त्रिकोण परिक्रमा कर पुण्य के भागी बने। देवी धामों में उमड़ी आस्थावानों की भीड़ को देखते सुरक्षा के बंदोबस्त किए गए हैं। पंडा समाज और स्काउट सेवा में जुटे हुए हैं।