मिर्जापुर। अब ग्राम पंचायत में भुगतान से पहले ग्राम प्रधान, सचिव और पंचायत सहायक का चेहरा स्कैन किया जाएगा। इससे फर्जीवाड़ा नही हो पाएगा। पहले डोंगल या डिजिटल हस्ताक्षर के आधार पर भुगतान किया जाता था। अब चेहरा स्कैनिंग के बिना भुगतान की प्रक्रिया पूरी नहीं होगी।
जिला पंचायतीराज अधिकारी संतोष कुमार ने बताया यह नई तकनीक ब्लॉक के सभी ग्राम पंचायतों में लागू की गई है। नई व्यवस्था के तहत भुगतान कहीं और बैठ कर नहीं केवल पंचायत सचिवालय से ही संभव होगा। इसके लिए ग्राम प्रधान, पंचायत सहायक व सचिव को पंचायत भवन में उपस्थित रहना अनिवार्य होगा। डीपीआरओ ने बताया इस व्यवस्था से खासकर महिला प्रधानों के नाम पर उनके पति या बेटों द्वारा की जा रहीं गड़बड़ियों पर भी अंकुश लगेगा।
अब तक यह देखा गया कि कई बार महिला प्रधानों की जानकारी के बिना ही उनके पति या अन्य प्रतिनिधि भुगतान की प्रक्रिया में शामिल हो जाते हैं। नई व्यवस्था से यह सुनिश्चित होगा कि महिला प्रधान स्वयं निर्णय लें और भुगतान प्रक्रिया में भाग लें। खंड विकास अधिकारी सिटी मुनीश कुमार सिंह ने बताया कि भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए चेहरा स्कैनिंग प्रक्रिया लागू की जा रही है। इससे ग्राम पंचायत में भुगतान में धांधली पर रोक लगेगी।