दो दिन के राहत के बाद तापमान फिर से चढ़ने लगा है। दोपहर में लू के थपेड़ों से लोगों के चेहरे लाल हो गए। चिलचिलाती धूप में घरों से निकलने वाले लोग अपने चेहरे को कपड़े से पूरी तरह ढंक कर ही बाहर निकले। शाम को लोकल हीटिंग से आंधी आई और बूंदाबांदी भी हुई। आंधी का असर ग्रामीण इलाकों में कुछ ज्यादा ही रहा। वहां पोल गिर गए और विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। कई जगह पेड़ भी गिरे हैं।
शुक्रवार को जिले का अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। धधकते सूरज की तपिश ऐसी थी, जिससे लोगों को पसीने-पसीने हो रहे थे। दोपहर में लू के थपेड़ों से जहां चेहरे लाल हो जा रहे थे। लिहाजा लोग चेहरे और बदन ढंककर निकले। रिक्शा आदि नहीं मिलने से राहगीरों को परेशानी हुई। प्रमुख बाजारों, सड़कों व कालोनियों में सन्नाटा पसरा रहा। मुकेरी बाजार, गुड़हट्टी बाजार, गणेशगंज,
घंटाघर त्रिमोहानी, रमईपट्टी, संगमोहाल, इमामबाड़ा शीतलपेय की दूकानों पर भीड़ लगी रही। देर शाम शाम को तेज आंधी आई। कुछ बूंदाबांदी भी हुई, जिससे मौसम खुशगंवार हो गया। हालांकि आंधी में जगह-जगह पेड़ और पोल गिरने से यातायात और विद्युत आपूर्ति प्रभावित हुई।