संवाद न्यूज एजेंसी
मिर्जापुर। मड़िहान थाना क्षेत्र के बेला जंगल में तीन दिन पहले हुई कथित लूट की घटना का पुलिस ने रविवार को खुलासा कर दिया। जांच में लूट की घटना झूठी पाई गई।
एएसपी ऑपरेशन राजकुमार मीणा ने बताया कि चालक सुनील कुमार यादव और सेल्समैन राजकुमार प्रजापति ने लोन चुकाने के लिए रकम स्वयं हड़प ली। मालिक को लूट की मनगढ़ंत कहानी बताकर झूठी सूचना दी।
एएसपी ने बताया कि जांच में मिले तथ्यों के आधार पर मड़िहान थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। उनके कब्जे से दो लाख रुपये बरामद किए गए हैं।
एएसपी ने बताया कि तीन जुलाई को बाजीराव कटरा निवासी सचिन कटारे ने मड़िहान थाने में तहरीर देकर बताया था कि दो जुलाई को उनका चालक सुनील निवासी सिरसी बघेल, कोतवाली देहात और सेल्समैन राजकुमार निवासी कृष्णापुरी कॉलोनी, जंगी रोड, कोतवाली कटरा दुकान का माल बेचकर मिर्जापुर लौट रहे थे। मड़िहान के दाती बेला मंदिर के पास अज्ञात बाइक सवार दो लोगों ने वाहन के टायर में गोली मारकर रकम से भरा बैग छीन लिया। बैग में दो लाख 42 हजार रुपये होने की बात कही गई थी। इस मामले में तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। जांच के लिए तीन टीमें लगाई गई थीं।
जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी डाटा, मानव खुफिया सूचना (ह्यूमन इंटेलिजेंस) तथा अन्य साक्ष्यों से जांच की गई। घटना वाले दिन चालक और सेल्समैन बाजीराव कटरा से दोपहर करीब साढ़े 12 बजे सप्लाई के लिए निकले थे और मड़िहान, जमुई, कलवारी, घोरावल, बनरदेवा, नदीहार तथा राजगढ़ के भावां होते हुए वापस लौट रहे थे।
पुलिस को सीसीटीवी फुटेज में किसी के पीछा करने का कोई साक्ष्य नहीं मिला। जांच में सामने आया कि चालक सुनील और सेल्समैन राजकुमार ने आर्थिक तंगी और बंधन बैंक के लोन के कारण सुनियोजित तरीके से बिक्री (वसूली) की रकम आपस में बांट ली। घटना को वास्तविक दिखाने के लिए दोनों ने वाहन पर धारदार और नुकीले औजार से वार कर उसे गिट्टी पर चढ़ाया, जिससे बायां टायर फट गया।