कलेक्ट्रेट परिसर में क्रमिक अनशन पर बैठे भाकपा-माले के कार्यकर्ता।
लालगंज थाना क्षेत्र के विभिन्न गांवों में रहने वाले अपराधी माफिया खुलेआम दलितों और आदिवासियों का उत्पीड़न कर रहे हैं। वे फसलों को नष्ट कर रहे हैं। इतना सब होने के बावजूद जिला प्रशासन हाथ पर हाथ रख कर बैठा हुआ है। यह आरोप भाकपा माले के कार्यकर्ताओं ने लगाया। जिला मुख्यालय पर कार्यकर्ता लगभग एक माह से धरने पर बैठे हैं।
धरना स्थल पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए माले नेता आशाराम भारती ने कहा कि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी का जंगलराज कायम है।
जिला प्रशासन भू माफिया और अपराधियों को संरक्षण दे रहा है। इसके चलते बदमाशों का मनोबल बढ़ा हुआ है। इसकी वजह से लालगंज के तुलसी गांव में गरीबों, दलितों, आदिवासियों का जीना मुश्किल हो गया है। कहा कि केंद्र की मोदी सरकार के अच्छे दिन गरीबों पर कहर बन कर टूट रहे हैं। हमें हमारे पुराने दिन लौटा दें तो हम जी लेंगे। अन्य वक्ताओं ने कहा कि जब से प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनी है तब से गरीबों और आदिवासियों पर जुल्म की इंतहा हो रही है। जिला प्रशासन अपराधियों पर कार्रवाई करने से पीछे हट रहा है। सूबे में कानून व्यवस्था की स्थिति दिन पर दिन बिगड़ती जा रही है।
यही वजह है कि लगातार लोगों पर हमले हो रहे हैं और हत्या, बलात्कार की घटनाएं बढ़ रही है। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि 14 अक्तूबर को दोपहर 12 बजे से भाकपा माले के कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट से लालगंज तहसील के तुलसी गांव तक मार्च कर जिला प्रशासन की पोल खोलेंगे। सभा के दौरान मुख्य रूप से मन्ना देवी, श्यामलता, जगवंती, केवला, सुशीला, धनराजी, पप्पू, रामदेव, छोटेलाल आदि शामिल रहे।