मिर्जापुर। शासन की प्राथमिकता वाले विकास कार्यक्रमों की समीक्षा बैठक में पूछे गए सवाल का संतोषजनक जवाब नहीं दिए जाने पर मंडलायुक्त डॉ.मुथुकुमार स्वामी बी ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के सहायक अभियंता से स्पष्टीकरण मांग लिया। इसके अलावा बैठक में नहीं आने पर उन्होंने एनएचएआई के अधिशासी अभियंता से भी स्पष्टीकरण मांग लिया।मंडलायुक्त पथरहिया स्थित आयुक्त कार्यालय के सभागार में सोमवार को शासन की प्राथमिकता वाले विकास कार्यक्रमों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने गलत रिपोर्ट प्रस्तुत करने पर लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता से कड़ी नाराजगी जताई। साथ ही चेतावनी दी कि भविष्य में रिपोर्ट का खुद अध्ययन कर सही तरीके से प्रस्तुत करें, अन्यथा कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने प्राथमिक विद्यालयों के जर्जर भवनों के ध्वस्तीकरण के संबंध में संयुक्त शिक्षा निदेशक एवं लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से अविलंब जरूरी कदम उठाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि चिह्नित विद्यालयों में सभी बिंदुओं के अनुरूप शत प्रतिशत कार्यवाही सुनिश्चित कराएं। इस दौरान उन्होंने विद्यालयों को गोद लिए जाने के संबंध में जानकारी भी ली। साथ ही स्कूलों में विद्युत आपूर्ति एवं दिव्यांग शौचालय का निर्माण मानक के अनुसार कराए जाने का निर्देश दिया।
मत्स्य, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के साथ ही स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान आयुष्मान भारत योजना के तहत गोल्डन कार्ड बनाने की खराब प्रगति पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कड़ी नाराजगी जताई और मंडल की सभी तीनों जिलों में गोल्डन कार्ड बनाने के कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने सीडीओ को प्रतिदिन की प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया। उन्होंने अस्पतालों में सभी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया। साथ ही यह भी कहा कि सरकारी अस्पतालों में मरीजों के लिए बाहर की दवा नहीं लिखे जाने की व्यवस्था सुनिश्चित कराएं। उन्होंने चेतावनी दी कि ड्रग हाउस में दवा उपलब्ध होने के बाद भी बाहर से दवा खरीद किए जाने की मिली तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
आयुक्त ने मुख्य विकास अधिकारियों को निर्देश दिया कि दवा उपलब्ध न होने पर बाहर से क्रय की गई दवाओं की स्वयं समीक्षा करें। मंडलायुक्त ने सड़क निर्माण से जुड़े विभागों अधिकारियों को आगाह किया कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी। गुणवत्ता खराब होने की शिकायत मिलने पर जांच कराकर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में नहरों में टेल तक पानी पहुंचाने, विद्युत बिल बकाया की अद्यतन स्थिति, निवेश मित्र एवं झटपट पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की भी समीक्षा की गई। इसके अलावा निराश्रित गोवंश, टीकाकरण, पशुओं की ईयर टैंगिंग, परिवार नियोजन, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, अधूरे पड़े निर्माण कार्यों की प्रगति, सामुदायिक शौचालय, पंचायत भवन, अमृत योजना के तहत जलापूर्ति, सीवर लाइन, पार्क, अपशिष्ट प्रबंधन, प्रधानमंत्री आवास (ग्रामीण एवं शहरी) आदि की भी समीक्षा की गई। एनआरएलएम, मनरेगा, मुख्यमंत्री आवास योजना, ग्रामीण पेयजल, खाद्य सुरक्षा, मत्स्य पालन के लिए तालाबों के आवंटन, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह, पेंशन, छात्रवृत्ति वितरण, कौशल विकास कार्यक्रम, कन्या सुमंगला, आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण, पोषण मिशन, सामाजिक वानिकी, दुग्ध समितियों के गठन आदि की भी समीक्षा की गई। बैठक में पुलिस उप महानिरीक्षक आरपी सिंह, तीनों जिलों के जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, मुख्य विकास अधिकारी व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।