मिर्जापुर। मंडलीय अस्पताल और जिला महिला अस्पताल मेडिकल कालेज के अधीन होने के बाद शासन ने 200 बेड का संयुक्त रूप से नया जिला और महिला अस्पताल बनाने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत 100 बेड का पुरुष व 100 बेड का महिला अस्पताल बनाने की तैयारी है। इसके लिए सीएमओ को पांच एक एकड़ की जमीन तलाश करने के लिए पत्र लिखा गया है। सीएमओ ने जिला प्रशासन को पत्र लिखकर पांच एकड़ जमीन उपलब्ध कराने की मांग की है। जमीन उपलब्ध होने के बाद अस्पताल बनाने का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा जाएगा। वर्तमान में जिले में 155 बेड का मंडलीय और 84 बेड का जिला महिला अस्पताल है। इसके अलावा 100 बेड का मैटरर्निटी विंग भी है। मां विंध्यवासिनी स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय (मेडिकल काॅलेज) बनने के बाद ये तीनों अस्पताल और इससे संबंधित अन्य भवन इसके अधीन हो गए हैं।
इस बीच बीते 22 फरवरी को प्रमुख सचिव ने निर्देश दिया कि जिले में वर्तमान में स्थित मंडलीय व जिला महिला अस्पताल के अलावा मैटर्निटी विंग के भवन मेडिकल काॅलेज ने अपने अधीन कर लिया है। अब जिले में लोगों को चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराने के लिए संयुक्त जिला चिकित्सालय भवन का निर्माण कराया जाना है। इसके लिए न्यूनतम पांच एकड़ जमीन की आवश्यकता है।
यह पत्र मिर्जापुर समेत प्रदेश के 25 जिलों के सीएमओ को भेजा गया है। इसमें सीएमओ को निर्देश दिया गया कि वे प्रशासन से संपर्क कर पांच एकड़ भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित कर इसकी सूचना, खसरा-खतौनी की नकल व कार्ययोजना उपलब्ध कराएं। उधर, अस्पताल भवन के लिए जमीन हाईवे के आस-पास तलाश की जा रही है। ताकि ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को भी इसका लाभ मिल सके। कुल 200 बेड के संयुक्त अस्पताल बनेगा। इसमें 100 बेड पुरुष और 100 बेड के महिला अस्पताल भवन का निर्माण किया जाएगा। सीएमओ डॉ.राजेंद्र प्रसाद का कहना है कि शासन स्तर से 200 बेड के संयुक्त अस्पताल के निर्माण के लिए जमीन की तलाश करने के बाबत पत्र भेजा गया है। जिला प्रशासन को पत्र लिखकर जमीन की तलाश कराई जाएगी। जमीन मिलने के बाद प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा जाएगा।