चैत्र मास में ही भगवान भास्कर के कोप को देख कर लोग सहम गए हैं। सबसे ज्यादा परेशानी दोपहर में समय लौटते समय स्कूली बच्चों को हो रहा है। तीखी धूप की तपिश वे झुलस रहे हैं। जेठ की दुपहरी का अहसास अभी से होने से लोगाें को तमाम तरह की बीमारियों की आशंका सताने लगी है, वहीं जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या में तेजी से वृद्धि हो रही है।
चिकित्सकों ने लोगों से धूम में निकलने से पूर्व एहतियात बरतने की सलाह दी है। पारा अप्रैल माह में ही लगातार 41 डिग्री के आसपास पहुंच गया है। इससे जहां दोपहर होते ही सड़कों पर सन्नाटा पसर जा रहा है वहीं लू चलने के कारण लोग घरों में दुबक जा रहे हैं।
सबसे अधिक परेशानी नौनिहालों को हो रही है जो स्कूलों से दोपहर मे ंलौटते समय तेज धूप में झुलस जा रहे हैं। अभी स्कूल अप्रैल के पूरे माह और मई के आधे माह तक खुले रहेंगे ऐसे में बच्चों का क्या हाल होगा । दिन में बहुत जरूरी होने पर ही लोग घरों से निकल रहे हैं। ऐसे में भी एहतियातन लोग टोपी और गमछे का इस्तेमाल कर रहे हैं।