फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mirzapur News: प्रत्येक किसान के दरवाजे पर कम से कम दो गायें अवश्य हो

विज्ञापन
गौ आश्रय स्थल विजयपुर का निरीक्षण करते गौ सेवा आयोग के प्रदेश अध्यक्ष।-
विज्ञापन
मिर्जापुर। उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने मंगलवार को जिले का भ्रमण किया। उन्होंने कई गोआश्रय स्थलों का निरीक्षण किया। कहा कि प्रत्येक किसान के दरवाजे पर कम से कम दो गाय अवश्य होनी चाहिए। आयोग के उपाध्यक्ष व सदस्यों ने भी गोआश्रय स्थलों का निरीक्षण किया। कहा कि गो तस्करी रोकने के लिए एडीजी व जिले में एएसपी नोडल अधिकारी होंगे।
विज्ञापन

उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने भ्रमण के दौरान नगर पालिका परिषद की टांडा फाल में संचालित गो आश्रय स्थल, सुरभी शोध संस्थान गोशाला तपोवन तथा विजयपुर में स्थित गौशाला का निरीक्षण कर गोवंशो की स्थिति, चारा/हरा चारा, चोकर की उपलब्धता के साथ समुचित उपचार के बारे में जानकारी ली। उपाध्यक्ष महेश कुमार शुक्ला ने अलग-अलग गोशालाओं में भ्रमण कर निरीक्षण किया। गो सेवा आयोग के सदस्य रमाकांत उपाध्याय ने नगर पंचायत कंछवा में संचालित गो आश्रय स्थल एवं विकास मझवां अंतर्गत एक गोशाला का निरीक्षण किया। सदस्य दीपक गोयल व राजेश सेंगर ने भी अलग-अलग गोशालाओं में निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद अध्यक्ष ने अष्टभुजा निरीक्षण गृह सभागार में पत्रकारों से वार्ता के दौरान बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गोवंशो के समुचित देखभाल व रखरखाव के लिए वर्तमान में प्रदेश की लगभग 7717 गोशालाओं में 12 लाख 58 हजार गोवंश संरक्षित हैं। चारागाह भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराकर उसे गोवंश के लिए चारा उत्पादन के लिए उपयोग में लाया जाएगा। गोमूत्र व गोबर आधारित स्थानीय प्रसंस्करण इकाईयों की स्थापना, बायोगैस प्लांट का विस्तार तथा किसानों को गोपालन के लिए प्रेरित करने के अभियान को तेज किया जाएगा। मॉडल किसानों के नवाचारों को अपनाने के लिए स्थलीय यात्राएं कराई जाएगी। मनीष गुप्ता, अपर निदेशक पशुपालन, सीवीओ डा. बीके पाठक सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।



कछवां के गोआश्रय स्थल में गंदगी मिलने पर जताई नाराजगी
मिर्जापुर। गो सेवा आयोग उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने मंगलवार को आयुक्त कार्यालय सभागार में मंडलायुक्त बालकृष्ण त्रिपाठी की अध्यक्षता में तीनो जिलों के अधिकारियों के साथ बैठक कर समीक्षा की। उन्होंने कहा कि कछवां के गोआश्रय स्थल में गंदगी मिलने पर नाराजगी जतायी। कहा कि गोशालाओं का संचालन एनआरएलएम समूह की महिलाएं कर सकती हैं। गोशालाओं में जो कमी है, उसे तत्काल दुरुस्त किया जाए। कहा कि राजस्व विभाग जिलों में चिह्नित चारागाह या गोचर भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराकर चारा उत्पादन के उपयोग में लाया जाए। उन्होंने जिलाधिकारी से कहा कि अभियान चलाकर इस कार्य को प्रभावी बनाया जाए। कहा कि सभी बीडीओ गोशालाओं का निरीक्षण करें तथा उनके स्वास्थ्य आदि के बारे में बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करें। कहा कि पंचगव्य आयूर्वेद और स्वादेश नस्ल संवर्धन को प्रोत्साहित करते हुए ग्रामीण अर्थव्यवस्था तथा सतत विकास की मजबूती के लिए कार्य किया जाए। उपाध्यक्ष महेश कुमार शुक्ला ने कहा कि निरीक्षण में पाई गई कमियों को तत्काल दूर कराया जाए। मेल व फीमेल गोवंशो को अलग-अलग शेड में रखने की व्यवस्था कराई जाए। विधायक रत्नाकर मिश्र ने कहा कि नेशनल हाईवे की सड़कों पर गोवंशो के दुघर्टनाग्रस्त होने पर उन्हें अस्पताल पहुंचाने अथवा उपचार की तात्कालिक व्यवस्था कराई जाए। बैठक में सदस्य रमाकांत उपाध्याय, दीपक गोयल, राजेश सेंगर, जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सोमेन बर्मा, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद श्याम सुन्दर केसरी, मुख्य वन संरक्षक मनीष मित्तल, मुख्य विकास अधिकारी मिर्जापुर विशाल कुमार, सोनभद्र जागृति अवस्थी, भदोही बालगोविंद शुक्ला व अन्य अधिकारी थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें