मिर्जापुर। नगर पालिका परिषद मिर्जापुर के अधिशासी अधिकारी पर राज्य सूचना आयुक्त ने 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना उन पर मांगी गई सूचना को न देने पर लगाया गया है। राज्य सूचना आयुक्त ने जिलाधिकारी से कहा है कि इस जुर्माना की रिकवरी अधिशासी अधिकारी के वेतन से की जाए।
वासलीगंज निवासिनी मीना गुप्ता, पत्नी देवेन्द्र कुमार ने सूचना अधिकार अधिनियम के तहत वर्ष 2018 में नगर पालिका परिषद मिर्जापुर से भुगतान संबंधी विवरण मांगा गया था, जिसका आज तक उनको उत्तर प्राप्त नहीं हुआ है। राज्य सूचना आयुक्त ने अधिशासी अधिकारी नगर पालिका मिर्जापुर को नोटिस भेजकर तलब किया लेकिन वह आयोग के समक्ष उपस्थित नहीं हुए। उपस्थित न होने एवं समय पर सूचना न देने पर राज्य सूचना आयुक्त किरण बाला चौधरी ने अधिशासी अधिकारी पर 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है।
उन्होंने अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद, मिर्जापुर पर आर.टी.आई. एक्ट- 2005 के तहत सूचना न दिए जाने पर 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। मीना गुप्ता के पति नगर पालिका के प्रकाश विभाग में संविदाकार थे। उन्होंने कई काम कराए थे लेकिन उनका भुगतान नहीं हो सका था। अब उनकी मृत्यु के बाद उनकी पत्नी मीना गुप्ता ने भुगतान का प्रयास किया तो उसमें रोड़ा अटकाया जाने लगा। मीना देवी का आरोप था कि प्रकाश विभाग के एक लिपिक की अड़ंगेबाजी से कुछ फाइलें गायब कर दी गई जिससे उनका भुगतान नहीं हो पा रहा है। इस संबंध में जब अधिशासी अधिकारी ओमप्रकाश से संपर्क किया गया तो आरोप है कि वह भी निष्क्रिय बने रहे। जब आयोग ने उन्हें पेश होकर अपना पक्ष प्रस्तुत करने को कहा, तब भी वह उपस्थित नहीं हुए। इस पर आयोग ने यह कार्रवाई की है।