मिर्जापुर। औद्योगीकरण को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार ने जिले में सूक्ष्म एवं मध्यम उद्योगों की स्थापना के लिए सरलीकरण करते हुए एमएसएमई एक्ट 2020 लागू कर दिया है। अब उद्योगों में अनापत्ति प्रमाण पत्र के लिए कई विभागों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। जिला उद्योग एवं प्रोत्साहन केंद्र में एक ही छत के नीचे उद्यमियों को एनओसी उपलब्ध कराई जाएगी।
बस उद्यमियों को निर्धारित प्रारूप पर अपने आवेदन करने के उपरांत उसे जिला उद्योग एवं प्रोत्साहन केंद्र में जमा करना होगा। राजस्व, श्रम, ऊर्जा एवं अग्नि सुरक्षा के लिए निर्धारित प्रपत्र भी दाखिल करने होंगे। उद्यमी से प्राप्त उपरोक्त आवेदन पत्र जांच करने के उपरांत उपायुक्त उद्योग की ओर से संबंधित विभागो के लिए इनकी प्रतियां बनाई जाएंगी। तथा इन्हे संबंधित विभागों को तत्काल ई-मेल अथवा व्हाट्सएप के माध्यम से प्रेषित करने के साथ ही अबिलंब संबंधित विभागों को भौतिक रुप से भी प्राप्त कराया जाएगा। तत्पश्चात उपायुक्त/ सदस्य सचिव की ओर से पत्रावली जिला मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी। एमएसएमई एक्ट 2020 के तहत अधिकतम 72 घंटे के अंदर अनापत्ति प्रमाण पत्र उद्यमियों को उपलब्ध करा दिए जाएंगे। जारी एनओसी जारी किए गए दिनांक से 1000 दिनों के लिए वैध रहेंगे। इसके लिए संबंधित उप जिला मजिस्ट्रेट, क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, अधिशासी अभियंता विद्युत निगम, उप श्रमायुक्त एवं सहायक श्रमायुक्त, क्षेत्रीय प्रबंधक राज्य औद्योगिक विकास निगम, सहायक विद्युत सुरक्षा निदेशालय, जिला अग्निशमन अधिकारी सदस्य बनाए गए हैं। उपायुक्त, जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र को सदस्य-सचिव बनाया गया है।
उपायुक्त उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र वीके चौधरी का कहना है कि नई औद्योगिक इकाइयां स्थापित करने वाले उद्यमियों के लिए यह सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है। समस्त औपचारिकताएं पूरी करने के पश्चात उद्यमी को जिला स्तरीय अधिकार प्राप्त समिति के अनुमोदनोपरांत 72 घंटे के अंदर अभिस्वीकृति प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। इस प्रकार की अभिस्वीकृतियां औद्योगिक विकास विभाग के निवेश मित्र पोर्टल अपलोड की जाएंगी।