मिर्जापुर। बैंक से करोड़ों रुपये की हेराफेरी करने वाले साइबर ठगी के आरोपियों में से कुछ ने टीम बनाकर खुद ही गेमिंग एप विकसित करना शुरू कर दिया। इनकी टीम गेमिंग एप बनाने के साथ ही उसकी फ्रेंचाइजी तक बेचने का काम करने लगी। इसका खुसाला पुलिस की जांच में हुआ है। गोवा, ओडिशा और वाराणसी में एप विकसित कर साइबर ठगी हो रही है। मिर्जापुर में साइबर ठगी के मामले की जांच कर रहे देहात कोतवाल अमित मिश्रा ने बताया कि संदीप सिंह पटेल, विकास, रजनीश व अन्य आरोपी अभी भी अपने साइबर से जुड़े गेमिंग धंधे को चला रहे हैं। कोई ओडिशा तो कोई गोवा तो कुछ लोग वाराणसी से सक्रिय हैं। उन्होंने बताया कि शुरू में बाहर की टीमों से गेमिंग एप की फ्रेंचाइजी लेकर साइबर ठगी का काम चल रहा था। बाद में खुद की टीम बनाकर एप तक विकसित करने की काबिलियत हासिल कर ली। अब तो न केवल खुद ही गेमिंग एप के माध्यम से लोगों के एकाउंट खाली कर रहे हैं। ये आरोपी फ्रेंचाइजी भी बांट रहे हैं। पुलिस के सूत्रों की मानें तो गेमिंग एप के माध्यम से एक दिन में 50-50 लाख तक के वारे न्यारे कर दिए जा रहे हैं। पूरे देश में साइबर ठगी का जाल फैला हुआ है। जो भी झांसे में आया उसके खाते खाली हो जा रहे हैं।