हलिया में वन रेंज कार्यालय पर प्रदर्शन करते ग्रामीण।- संवाद।
हलिया। जंगल में बृहस्पतिवार को जलावनी लकड़ी लेने निकले पुरुष और महिलाओं की पिटाई से नाराज ग्रामीणों ने शुक्रवार रेंज कार्यालय पहुंचकर घेराव किया। नारेबाजी के साथ ही हुए प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने संबंधित वनकर्मियों को निलंबित किए जाने की मांग की। मामले को गंभीरता से लेते हुए वन्य जीव प्रतिपालक ने वनरक्षक व वाचर को चुर्क कार्यालय से संबद्ध कर दिया। बावजूद इसके ग्रामीण वनकर्मियों के खिलाफ मुकदमा कायम करने व निलंबन की मांग को लेकर अड़े रहे। रेंज कार्यालय पर शुक्रवार को हुए ग्रामीणों के हुए प्रदर्शन की सूचना पर थानाध्यक्ष हलिया राजीव कुमार श्रीवास्तव ने पहुंचकर ग्रामीणों को शांत कराने का प्रयास किया। नायब तहसीलदार हलिया भी मौके पर आकर ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन ग्रामीण वन विभाग के उच्च अधिकारी मौके पर बुलाने की मांग करते रहे। प्रदर्शन के दौरान हलिया गांव के शीला, कौशल्या, लालती, अनिलकुमार, सितानी, शिव प्रसाद, छोटू, चंद्रावती, सरोज, संजय, फूल कली व रामरती आदि ने बताया कि कड़ाके के ठंड से निजात पाने के लिए वे मगरदा जंगल में लकड़ी लेने गए थे। लौटते समय फॉरेस्ट गार्ड शिवम सिंह और वाचर कमला मौर्य आधा उन्हें रोककर लाठी डंडे से पीटा। महिलाओं के प्रदर्शन की भनक लगते हुए उनके समर्थन में सपा नेत्री कीर्ति कोल और भाजपा विधायक प्रतिनिधि रमाकांत पटेल सहित आदि मौके पर पहुंचकर आंदोलन को धार दिया। रेंज कार्यालय पर प्रदर्शन की जानकारी मिलने के चार घंटे बाद पहुंचे वन्य जीव प्रतिपालक भास्कर प्रसाद पांडेय ने पीड़ित महिलाओं से पूछताछ की। मामले को गंभीरता से लेते हुए वन रक्षक शिवम सिंह व वाचन कमला प्रसाद मौर्य को तत्काल प्रभाव से चुर्क कार्यालय से संबद्ध कर दिया। प्रदर्शनकारी फॉरेस्ट गार्ड तथा वाचर के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने तथा निलंबन की मांग को लेकर मौके पर डटे रहे। थानाध्यक्ष का कहना है की ग्रामीणों की तरफ से अभी तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।