मिर्जापुर। नगर क्षेत्र में अमृत योजना के तहत खोदी गई सड़कें अब तक नहीं बन सकी हैं। कई सड़कों का निर्माण तो किया गया, लेकिन अधिकांश सड़कें अभी भी क्षतिग्रस्त पड़ी हुई हैं। गर्मी बढ़ते के साथ ही सड़कों पर फैली मिट्टी धूल बनकर उड़ने लगी है। इससे आवागमन करने वालों के साथ ही आसपास रहने वालों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इससे सांस के रोगियों की समस्या भी बढ़ती जा रही है। जिले में अमृत योजना के तहत 210 करोड़ रुपये की लागत से सीवर व जलापूर्ति की पाइप लाइन डाली जा रही है। इसके अलावा 193 करोड़ रुपये की लागत से पेयजल योजना को अमलीजामा पहनाया जा रहा है। दोनों योजनाओं में पाइप लाइन बिछाने का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। अब जो सड़कें पाइप लाइन बिछाने के लिए खोदी गई हैं, उनको फिर से बनाने का कार्य शेष है। इसके लिए बजट में 21 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
लगभग तीन महीने पूर्व सड़क बनाने का काम शुरू भी किया गया। भरूहना रोड, सिविल लाइन तिराहा से रामबाग, बरियाघाट व अन्य कई जगह सड़कें बनाई भी गईं, लेकिन अधिकांश स्थानों पर पाइप लाइन बिछने के बाद सड़कें क्षतिग्रस्त हाल में पड़ी हैं। इस समय गर्मी का मौसम शुरू हो गया है। दोपहर 12 बजे से ही सड़कों पर धूल उड़नी शुरु हो जाती है। आम आदमी किसी प्रकार मुंह ढंककर आवागमन कर रहा है, लेकिन सांस के रोगियों की परेशानी अधिक बढ़ रही है।
कार्यदायी संस्था गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई के परियोजना प्रबंधक संजय कुमार का कहना है कि सड़कें बनाई जा रही हैं। शीघ्र ही जहां पाइप लाइन डालने के लिए सड़कें खोदी गई थीं, उनका फिर से निर्माण कार्य कराया जाएगा। उधर, डाॅ. उमेश श्रीवास्तव का कहना है कि सड़कों पर उड़ रही धूल सांस के रोगियों के लिए समस्या पैदा कर सकती है। इसके लिए आम लोग भी मास्क लगाकर चलें और यदि जरूरत न हो तो घर से न निकलें। विशेषकर सांस के रोगी जरूर इस पर ध्यान दें।
उधर, नगर के कई प्रमुख मार्गों की स्थिति खराब है। इसमें महुवरिया-तहसील मार्ग, बूढ़ेनाथ-शक्तिरोड, टेढ़ीनीम, चौबेटोला-टेढ़ीनीम मार्ग, लालडिग्गी मार्ग की सड़कें पाइपलाइन बिछाए जाने के चलते क्षतिग्रस्त हो गई हैं। पुरानी दशमी मार्ग पर गड्ढे हो गए हैं। मार्ग की नालियां चोक हैं। सड़क पर हुए गड्ढों में गंदा पानी भर गया है। उधर, स्टेशन रोड की आधी सड़क बनी है और आधी खराब है। इन मार्गों की मरम्मत नहीं हो रही है। इसी प्रकार घंटाघर से संकटमोचन व आगे रामबाग तक, तुलसी चौक, पेहटी का चौराहा से तुलसी चौक मार्ग की स्थिति अधिक खराब है।