मिर्जापुर। केंद्रों पर गेहूं खरीद शुरू हो गई है। इस बीच शुक्रवार तक जिले में 69 किसानों से 272.05 मीट्रिक टन की खरीद की गई है। खाद्य विभाग के शत प्रतिशत केंद्रों पर खरीद शुरू तो हो गई है लेकिन कई ऐसे केंद्र हैं जहां अभी तक बोहनी भी नहीं हुई है।जिलाधिकारी की ओर से जिले में कुल 70 केंद्र खोले जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है। जिसमें खाद्य विभाग के 12, मंडी समिति के दो, पीसीएफ के 24, पीसीयू के 17, यूपीएसएस के 13 व भारतीय खाद्य निगम के दो क्रय केंद्र शामिल हैं। अभी तक सिर्फ भारतीय खाद्य निगम के शत प्रतिशत क्रय केंद्रों पर ही गेहूं खरीद शुरू हो सकी है।
पीसीएफ के 24 क्रय केंद्रों में से शत प्रतिशत खोल तो दिए गए हैं, लेकिन अभी तक मात्र पांच केंद्रों पर ही गेहूं खरीद शुरू हो सकी है। पीसीयू के 17 में से सिर्फ एक केंद्र पर खरीद हुई है। यूपीएसएस के 13 में से महज तीन केंद्रों पर खरीद शुरू हुई है। वहीं भारतीय खाद्य निगम की ओर से दो में से एक क्रय केंद्र खोला तो गया है, लेकिन अभी तक केंद्र पर बोहनी नहीं हुई है।
मिर्जापुर। क्रय केंद्र तक गेहूं नहीं पहुंच पा रहा है। अधिकतर केंद्रों पर सन्नाटा पसरा हुआ है। एक तो बारिश के चलते फसलों की कटाई और मड़ाई का कार्य प्रभावित रहा है और दूसरे इस वर्ष बाजार में गेहूं के दाम 3000 रुपये प्रति क्विंटल पहुंच जाने से किसानों भी उधेड़बुन में हैं। वे गेहूं बेचने से पहले कई बार सोच रहे हैं। बाजार में गेहूं के वर्तमान भाव पर गौर करें तो 2500 से लेकर 2800 रुपये प्रति क्विंटल के भाव में गेहूं बिक रहा है, जबकि केंद्रों पर सरकारी समर्थन मूल्य 2125 रुपये है। कुछ किसानों के पास गेहूं है भी तो घर बैठे बिचौलिए 2200 रुपये प्रति क्विंटल के भाव गेहूं उठा ले रहे हैं।
डिप्टी आरएमओ धनंजय सिंह का कहना है कि गेहूं खरीद सीजन में बेमौसम बारिश के चलते फसलों की कटाई-मड़ाई बाधित प्रभावित हो गई थी। इससे खरीद धीमी है। जैसे-जैसे मौसम साफ हो रहा है, केंद्रों पर गेहूं बिक्री के लिए किसान आने शुरू हो गए हैं। उम्मीद है 15 अप्रैल के बाद से गेहूं खरीद में तेजी आएगी।