हलिया। बीरपुर गांव में मंगलवार की रात घरेलू विवाद के बाद देवरानी ने जहर खा लिया। उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। इसके बाद जेठानी ने भूसा वाले कमरे में बड़ेर के सहारे रस्सी के फंदे से लटककर जान दे दी। बुधवार को सुबह भूसा लेने गए पति ने पत्नी को फंदे से लटका देखा तो पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को फंदे से उतारकर कब्जे में ले लिया। मौके पर फॉरेंसिक टीम ने पहुंचकर जांच की।
हलिया थाना क्षेत्र के बीरपुर गांव निवासी सुशीला (32) पत्नी अवध नारायण और देवरानी लीलावती (30) पत्नी बुद्धिसेन के बीच घरेलू विवाद चल रहा था। मंगलवार की रात विवाद के बाद लीलावती ने जहर का सेवन कर लिया। उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। इसके बाद इस घटना के कारण भयवश सुशीला ने देर रात अपने कच्चे मकान के सामने भूसा घर में बड़ेेर के सहारे रस्सी के फंदे से लटककर जान दे दी। बुधवार को सुबह भूसा घर में पहुंचे पति अवध नारायण की नजर फंदे से लटकी पत्नी सुशीला पर पड़ी। शोर मचाने पर परिवार के लोग इकट्ठा हो गए। सूचना पुलिस को दी गई। सूचना पर पहुंचे प्रभारी निरीक्षक वीरेंद्र सिंह ने मौके पर जांच पड़ताल की और शव को कब्जे में ले लिया। उन्होंने इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को दी। इसके बाद मौके पर फॉरेंसिक लैब की टीम ने भी पहुंचकर जांच पड़ताल की। पुलिस ने पति की तहरीर पर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सुशीला से एक पुत्री और चार पुत्र हैं। थानाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह ने बताया कि जेठानी और देवरानी के बीच आपसी विवाद में देवरानी ने जहर खा लिया। इससे भयवश जेठानी ने फंदे से लटककर जान दे दी।