सोनीपत में पैसेंजर ट्रेन डीरेल होने से बची
उत्तर मध्य रेलवे के चुनार-चोपन रेल मार्ग का विद्युतीकरण किया जाएगा। इससे रेलगाड़ियों की रफ्तार बढ़ जाएगी। लगभग 100 किलोमटीर की लाइन बनाने में 129 करोड़ 66 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसका टेंडर हो चुका है। जल्द ही विद्युतीकरण करने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
चुनार-चोपन रेल मार्ग तीन प्रांतों को जोड़ने वाली रेल लाइन है। इस रूट से उत्तर प्रदेश के अलावा झारखंड और मध्य प्रदेश के यात्री भी सफर करते हैं। यह रूट इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि इस रास्ते से तीन महत्वपूर्ण ट्रेनें औद्योगिक क्षेत्रों को जोड़ती हैं। जम्मूतवी से जमशेदपुर टाटा तक जाने वाली मूरी एक्सप्रेस व झारखंड स्वर्णजयंती एक्सप्रेस व त्रिवेणी एक्सप्रेस शामिल हैं।
इसके अलावा चुनार-चोपन पैसेंजर है। इंटरसिटी एक्सप्रेस, चुनार चोपन पैसेंजर है, इस रेल मार्ग पर विद्युतीकरण न होने से रेलवे को काफी नुकसान होता है। यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। ट्रेनें लेट से चलती हैं। डीजल की खपत भी अधिक होती है। इसको देखते हुए रेल मंत्रालय ने इस रूट का विद्युतीकरण करने का निर्णय लिया। पिछले वर्ष कराए गए सर्वे के बाद इस वर्ष केंद्र सरकार ने विद्युतीकरण करने के लिए बजट पास कर दिया। अधिकारियों की माने तो उत्तर मध्य रेलवे के चुनार चोपन रेल खंड रेल के विद्युतीकरण का कार्य 129 करोड़ 66 लाख रुपये की लागत से किया जाएगा।
सौ किलोमीटर लंबे रेल मार्ग पर कुल छह स्टेशन हैं। इस निर्माण कार्य में एक ट्रैक्शन सब स्टेशन, एक ओएचई डिपो एंव एक पीएसआई डिपो भी निर्मित होगा। इस कार्य के पूरा होने से रेल मार्ग पर इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन द्वारा निर्माण रेल परिचालन सुनिश्चित हो सकेगा। इससे परिचालन की गति बढ़ने के साथ साथ मार्ग पर और ट्रेनों का संचालन संभव हो पाएगा। यात्रा अवधि घटेगी। इसके अतिरिक्त यह एक पर्यावरण मित्र यातायात की तरफ कदम होगा।