पंचायत चुनाव के ठीक पहले जिले की कमान संभालने वाले पुलिस कप्तान अरविंद सेन के समक्ष जिले में पंचायत चुनाव के अलावा पशु तस्करी, मध्यप्रदेश से शराब तस्करी और शहर में मादक पदार्थों की तस्करी को रोकने की चुनौती रहेगी।
नवागत एसपी इन मामलों में कितनी सख्ती दिखाएंगे यह तो समय पर पता चलेगा। बहरहाल उन्होंने चार्ज लेते समय नक्सल और शहर में जाम की समस्या को प्रमुख चुनौती माना है।
लखीमपुर खीरी से स्थानांतरित होकर जिले की कप्तानी करने पहुंचे पुलिस अधीक्षक ने आगामी समस्याओं से निपटने के सबसे पहले मां विन्ध्यवासिनी के दरबार में हाजिरी लगाई।
पुलिस अधीक्षक के सामने सबसे बड़ी समस्या पशु तस्करों से निपटने की होगी,मनबढ़ पशु तस्कर पुलिस से भी दबंगई दिखा रहे हैं।
विगत दिनों पशु तस्करों ने पुलिस टीम के वाहन को धक्का मार दिया था जिसमें घायल एक दारोगा को जान से हाथ धोना पड़ा था।
मध्य प्रदेश से ड्रमंडगंज इलाके से होने वाली शराब तस्करी भी पुलिस के लिए अब तक काला धब्बा साबित होती रही है। इसे रोकना पुलिस अधीक्षक के लिए चुनौती रहेगी।
शहर में लाटरी के माध्यम से चलाया जा रहा जुआ और मादक पदार्थों की बिक्री पर भी कप्तान को नजर दौड़ानी होगी।
जिले की भौगोलिक परिस्थिति को समझने का मौका मिले बिना पंचायत चुनाव की चुनौती भी एसपी के सामने होगी। हालिया दिनों में सपा जिलाध्यक्ष को जान से मारने की मिली धमकी के मामले से भी पुलिस कप्तान को निपटना होगा।