मिर्जापुर। बदलते मौसम के साथ ही गांव में मच्छरों का प्रकोप काफी बढ़ गया है। नाले और नालियां बजबजा रहे हैं। साफ-सफाई नही हो रही है। गांवों में सफाईकर्मी तैनात तो हैं लेकिन अधिकांश स्थानों पर पंचायत भवन व स्कूलों तक ही सिमित होकर रह गए हैंं। गांवों में सार्वजनिक स्थानों पर जगह-जगह पड़े गंदगी को लेकर ग्रामीणों में रोष व्याप्त है।
सिटी, पहाड़ी, कोन, मझवां, सीखड़, नरायनपुर, जमालपुर, राजगढ़, पटेहरा, हलिया, लालगंज व छानबे विकास खंड को मिलाकर 809 ग्राम पंचायतों में 1976 सफाईकर्मियों की तैनाती है। अधिकांश गांवों में सफाईकर्मियों से व्याप्त गंदगी से जैसे कोई मतलब ही नहीं। यदाकदा सफाई अभियान चलाया तो जाता है जो सिर्फ लोकेशन और फोटो तक ही सिमट कर रह जा रहा है। जिला मुख्यालय से सटे 87 ग्राम पंचायत वाले सिटी विकास खंड में 186 सफाईकर्मी तैनात किए गए हैं। महेंवा, हरिहरपुर बेदौली, खजुरी, अघौली, अनंतरामपट्टी, धनीपट्टी, लच्छापट्टी, दुबेपुर, देवापुर पचवल, चेरुईराम सहित अन्य गांवों पर गौर करें तो सार्वजनिक स्थानों पर जगह-जगह गंदगी व्याप्त है। पड़री, 46 ग्राम पंचायत वाले विकास खंड पहाड़ी में शिक्षण संस्थानों से लेकर गांवों में गंदगी का अंबार लगा हुआ है। ग्रामीणों की शिकायत के बावजूद इसको कोई देखने और सुनने वाला नहीं है। साफ सफाई के लिए विकास खंड में 162 सफाई कर्मियों की नियुक्ति की गई है। क्षेत्र के भोजपुर पहाड़ी, बेलवन, भरपुरा, चांदलेवा, टेढ़ा, हिनौती , सुखनई , दूबेपुर, कनौरा, सिंधोरा, देवाहि, तिगोड़ा, मोहनपुर, आदि गांवों में शिक्षण संस्थानों बने शौचालयों की स्थिति काफी दयनीय है। कछवा, मझवा ब्लॉक क्षेत्र के केवटाबीर, महामलपुर, दामोदरपुर, जमुआ, रामापुर, सरावां, गेगराव, मटियारी, चकिया आदि गांवों में सफाई नहीं होने से जगह-जगह गंदगी के ढेर लगा हुआ है। सफाई कर्मचारी गांवों के बजाय ग्राम प्रधानों के घरों पर कुछ देर काम कर चलता बन रहे हैं। गांवाें नाले और नालियां जगह-बजबजा रही हैं। जिससे मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। मच्छरजनित बीमारियों की चपेट में आकर लोग स्वास्थ्य केंद्रों का चक्कर लगा रहे हैं। जिससे ग्रामवासियों में रोष व्याप्त है। भारतीय मानवाधिकार एसोसिएशन के जिला उपाध्यक्ष प्रदीप सिंह का कहना है कि अधिकतर गांवों में सफाई कर्मचारी ग्राम प्रधानों के घर अपनी ड्यूटी बजा रहे हैं। शिकायत करने के बाद भी संबंधित विभाग ध्यान नहीं दे रहा है।
इनसेट
गांव में दो परिषदीय विद्यालय के साथ ही तीन राजस्व गांव होने के बावजूद मात्र एक सफाई कर्मी की तैनाती है। सफाई कर्मियों की संख्या बढ़ाने के लिए एडीओ पंचायत से लिखित व मौखिक रूप से कई बार सूचना दी गई । बावजूद इसके आज तक कोई ध्यान नहीं दिया गया।
संतोष कुमार, प्रधानप्रतिनिध, गौरा राजा।
गांव में दो सफाई कर्मियों की नियुक्ति की गई हैं एक सफाई कर्मी हमेशा सरकारी कार्यो में व्यस्त है और एक सफाई कर्मी के जिम्मे 4 परिषदीय विद्यालय, आंगनबाड़ी, मातृ शिशु कल्याण केंद्र के साथ ही साथ गांव की साफ सफाई की जिम्मेदारी है। सफाई कर्मी न होने से गांव की साफ सफाई बाधित हो रही।
राजेश कुमार प्रजापति, ग्राम प्रधान डाढ़ीराम।
पहाड़ी क्षेत्र में साफ-सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चरमराई हुई है। पड़री चंडिका रोड पर बस्ती में जगह-जगह गंदगी का अंबार लगा हुआ है। बस्ती में नाले और नालियां बजबजाने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। लोग मच्छरजनित बीमारियों की चपेट में आकर अस्पतालों का चक्कर लगा रहे हैं।
-संजय कुमार प्रजापति, वरिष्ठ अधिवक्ता।
अधिकारियों की अनदेखी के चलते सफाई कर्मी अपनी जिम्मेदारियों के प्रति काफी लापरवाह हो गए हैं। गांवों में स्थित शिक्षण संस्थानों, सार्वजनिक स्थानों पर व्याप्त गंदगी इससे सबूत हैं। ग्राम प्रधानों और अधिकारियों की मिलीभगत से काम न करने के बावजूद सफाईकर्मियों को न जाने कैसे वेतन दिया जा रहा है।
-शारदा प्रसाद मिश्रा, किसान नेता।
वर्जन
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जिम्मेदारियों के प्रति किसी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं की जाएगी। इस तरह की कोई शिकायत संज्ञान में नहीं है। यदि कहीं कोई शिकायत मिलती है, तो संबंधित गांवों में तैनात सफाईकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई किए जाएंगे।
-आलोक प्रसाद, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट, प्रभारी डीपीआरओ।